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तीन महीने से डॉक्टर नहीं, गर्भवती की मौत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:56 AM IST
सार
- ककवन सीएचसी का मामला, नहीं मिला सका उपचार
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस समय झांसी में समीक्षा बैठक करके अस्पतालों में सुधार की नसीहत दे रहे थे, उसी समय ककवन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर के न होने के कारण एक गर्भवती की मौत हो गई। गंभीर बात यह है कि यहां तीन महीने से महिला डॉक्टर ही नहीं है। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया तो पुलिस ने शांत कराया।
कस्बे के कसिगवां गांव निवासी कुलदीप सिंह चौहान की पत्नी रीता चौहान (38) को गुरुवार सुबह परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया था। परिजन देवी सिंह चौहान ने बताया कि सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद एएनएम मिथलेश व संविदा कर्मी अफसाना और मंजू ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही बहू रीता को भर्ती किया लेकिन कोई डॉक्टर ही नहीं आई।
ये भी नहीं बताया गया कि यहां महिला डॉक्टर है ही नहीं। सुबह 10 बजे के बाद हालत बिगड़ने पर प्रसूता को कानपुर ले जाने को कह दिया। कानपुर ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिली। जब तक दौड़-भाग कर गाड़ी का इंतजाम किया, तब तक रीता की मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
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रीता की हालत बिगड़ने पर परिजनों को तत्काल बता दिया गया था, लेकिन परिजन कानपुर नहीं ले गए। तीन माह से सीजीरियन आपरेशन करने वाली डॉक्टर भी नहीं है। शासन को लिखा गया है। डॉक्टर न होने से प्रसव के दौरान होने वाली समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है।
सीएचसी प्रभारी डा. अमित कनौजिया
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कस्बे के कसिगवां गांव निवासी कुलदीप सिंह चौहान की पत्नी रीता चौहान (38) को गुरुवार सुबह परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया था। परिजन देवी सिंह चौहान ने बताया कि सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद एएनएम मिथलेश व संविदा कर्मी अफसाना और मंजू ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही बहू रीता को भर्ती किया लेकिन कोई डॉक्टर ही नहीं आई।
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ये भी नहीं बताया गया कि यहां महिला डॉक्टर है ही नहीं। सुबह 10 बजे के बाद हालत बिगड़ने पर प्रसूता को कानपुर ले जाने को कह दिया। कानपुर ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिली। जब तक दौड़-भाग कर गाड़ी का इंतजाम किया, तब तक रीता की मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
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रीता की हालत बिगड़ने पर परिजनों को तत्काल बता दिया गया था, लेकिन परिजन कानपुर नहीं ले गए। तीन माह से सीजीरियन आपरेशन करने वाली डॉक्टर भी नहीं है। शासन को लिखा गया है। डॉक्टर न होने से प्रसव के दौरान होने वाली समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है।
सीएचसी प्रभारी डा. अमित कनौजिया