कानपुर: कौड़ियों के भाव भी नहीं बिक रहा आलू, शिवराजपुर में खेतों में फेंकने को मजबूर किसान
Kanpur News: कभी किसानों के लिए मुनाफे की फसल माने जाने वाला आलू अब घाटे का सौदा बन गया है। शिवराजपुर क्षेत्र में बाजार में उचित दाम नहीं मिलने और कोल्ड स्टोरेज का किराया भारी पड़ने से किसान परेशान हैं।
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हालत यह है कि किसान आलू को सड़क किनारे और खेतों में फेंकने को मजबूर हैं। तस्वीर में शिवराजपुर क्षेत्र के एक खेत में जगह-जगह पड़ा आलू नजर आ रहा है। किसानों का कहना है कि बाजार में आलू के दाम इतने कम मिल रहे हैं कि उसे कोल्ड स्टोरेज से निकालकर बेचने में भी लागत पूरी नहीं हो रही। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज का किराया और आलू को बाजार तक ले जाने का खर्च अलग से बोझ बन रहा है।
अच्छे आलू बीनकर ले जा रहीं महिलाएं
सड़क किनारे और खेतों में फेंके गए आलू में से आसपास के गांवों की महिलाएं अच्छे आलू बीनकर अपने साथ ले जा रही हैं। खेतों और सड़क किनारे आलू के ढेर किसानों की परेशानी और फसल की बर्बादी की तस्वीर दिखा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जिस आलू को कभी सोना कहा जाता था, आज उसकी स्थिति ऐसी हो गई है कि वह कौड़ियों के भाव भी नहीं बिक रहा। उचित दाम नहीं मिलने से आलू की खेती करने वाले किसानों के सामने लागत निकालना भी चुनौती बन गया है।