लापरवाही की हद: शव का अज्ञात में पोस्टमार्टम, पुलिस ने करा दिया अंतिम संस्कार, पत्नी बोली- नहीं देख सके चेहरा
बिधनू थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही से मां-पत्नी युवक का अंतिम बार चेहरा भी न देख पाए। दरअसल, जिस युवक का अज्ञात में अंतिम संस्कार किया गया। मां का आरोप है कि कई बार थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने अज्ञात शव की जानकारी नहीं दी।
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कानपुर में बिधनू थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस जिस युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश करती रही, उसके शव का अज्ञात में पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया। मां का आरोप है कि वे लोग कई बार थाने गए, लेकिन उन्हें कोई शव मिलने की जानकारी नहीं दी।
बेटे का अंतिम बार चेहरा भी नहीं देख पाए। रमईपुर के घाटूखेड़ा निवासी रामश्री के अनुसार 27 जनवरी को बेटा सुघर सिंह यादव (35) कुछ दोस्तों के साथ जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद से घर नहीं लौटा। दूसरे दिन ही थाने पहुंचकर जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने 30 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज की।
28 जनवरी की तड़के ही बिधनू पुलिस को उसका शव हाईवे पर पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को अज्ञात में मोर्चरी भेज दिया, जहां 72 घंटे तक शव की शिनाख्त न होने पर 31 दिसंबर को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया।
पत्नी बोली- उनके अंतिम संस्कार का हक भी नहीं मिला
रामश्री ने बताया कि हम 28 दिसंबर से लेकर शनिवार तक रोज बेटे के संबंध में जानकारी करने के लिए थाने जाते रहे, लेकिन पुलिस ने जानकारी नहीं दी। पत्नी गीता ने बताया कि पुलिस की लापरवाही की वजह से उन्हें एक सप्ताह बाद पति की मौत की जानकारी हुई। उन्हें पति का अंतिम संस्कार कराने तक का हक नहीं मिल सका।
अज्ञात शव मिलने के बाद पुलिस को शिनाख्त कराने का प्रयास करना चाहिए था। मामले की जांच कर जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -दिनेश कुमार शुक्ला, एसीपी घाटमपुर