उन्नाव जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस का डीप फ्रीजर हुआ खराब, सड़ रहे शव
- डेढ़ साल पहले जिला अस्पताल को मिला था फ्रीजर
- लापरवाही से अब तक संचालित नहीं हो सका
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तीन दिन पहले सोहरामऊ थानाक्षेत्र में अज्ञात वृद्ध का शव मिला था। पहचान न होने पर शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया। दो दिन तक पोस्टमार्टम न किए जाने से शव पूरी तरह से सड़ गया और सोमवार दोपहर उससे भीषण दुर्गंध आने लगी। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि अगर डीप फ्रीजर चालू करवा दिया जाए तो शवों को सड़ने से बचाया जा सकता है।
पोस्टमार्टम हाउस को अपग्रेड करने के साथ ही अज्ञात शवों को कई दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए शासन स्तर से डीप फ्रीजर की खरीद हुई थी। फ्रीजर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच भी गया लेकिन उसे संचालित नहीं किया जा सका। इसके साथ ही कई अन्य महंगे उपकरण भी पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए थे लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से उनका उपयोग शुरू नहीं हो सकता है।
पोस्टमार्टम हाउस में शवों को एक खुले कमरे में ही रखवा दिया जाता है। जहां तापमान अधिक होने से कुछ ही देर में शव सड़ना शुरू हो जाते हैं। सबसे खराब स्थिति तो अज्ञात शवों की होती है। ऐसे शव पहचान के लिये 72 घंटे तक रोक कर रखे जाते हैं। अधिक तापमान की वजह से शव सड़ कर गल जाते और उनसे दुर्गंध उठने लगती है।
नाक में रुमाल लगाकर बैठते हैं कर्मचारी
पोस्टमार्टम हाउस में शव से उठने वाली दुर्गंध कर्मचारियों व उन लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर देती है जो शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए आते हैं। अधिक तापमान की वजह से सड़ जाने वाले शवों से उठती दुर्गंध से बचने के लिए लोगों को नाक में कपड़ा तक बांधना पड़ जाता है।
जगह नहीं थी
पोस्टमार्टम हाउस में डीप फ्रीजर लगाने के लिये जगह नही है। कमरे का विस्तार कराने के बाद फ्रीजर लगवा दिया जाएगा। -डॉ. लालता प्रसाद, सीएमओ