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एचबीटीयू में गरीब सवर्ण आरक्षण लागू, बढ़ेंगी 50 से अधिक सीटें, 10 जून से कर सकेंगे आवेदन
Sun, 12 May 2019 09:39 AM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 12 May 2019 09:39 AM IST
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एचबीटीयू
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कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के बीटेक प्रोग्राम में दाखिले की चाहत रखने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस कोटा) नए सत्र के लिए लागू कर दिया है। इससे बीटेक में करीब 50 से अधिक सीटें बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा ढाई लाख रुपये से कम जिन मेधावी अभ्यर्थियों की पारिवारिक आय है उनके लिए पांच प्रतिशत सीटें अलग से निर्धारित की गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कोटे के तहत सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर दाखिले के लिए शेड्यूल भी तैयार कर लिया है। जेईई मेंस क्वालीफाई कर चुके छात्र-छात्राएं 10 जून से 30 जून तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
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इसके अलावा ढाई लाख रुपये से कम जिन मेधावी अभ्यर्थियों की पारिवारिक आय है उनके लिए पांच प्रतिशत सीटें अलग से निर्धारित की गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कोटे के तहत सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर दाखिले के लिए शेड्यूल भी तैयार कर लिया है। जेईई मेंस क्वालीफाई कर चुके छात्र-छात्राएं 10 जून से 30 जून तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
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15 जून से च्वाइस फिलिंग कर पाएंगे। 20 जून से च्वाइस लॉक कर पाएंगे। एक जुलाई से ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि पूरा शेड्यूल तैयार है। जल्द ही आधिकारिक तौर पर इसकी सूचना जारी कर दी जाएगी।
करीब 600 हो जाएंगी सीटें
विश्वविद्यालय में अभी बीटेक की कुल सीटें 478 निर्धारित हैं। इसमें प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए अलग से होती हैं जिनसे सीटों की संख्या कुल 504 के करीब पहुंच जाती है। अब इस बार से दस प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) भी लागू किया जाएगा। इससे करीब 50 से अधिक सीटें बढ़ने की संभावना है। इस तरह से विश्वविद्यालय में कुल सीटों की संख्या करीब 600 हो जाएगी।
करीब 600 हो जाएंगी सीटें
विश्वविद्यालय में अभी बीटेक की कुल सीटें 478 निर्धारित हैं। इसमें प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए अलग से होती हैं जिनसे सीटों की संख्या कुल 504 के करीब पहुंच जाती है। अब इस बार से दस प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) भी लागू किया जाएगा। इससे करीब 50 से अधिक सीटें बढ़ने की संभावना है। इस तरह से विश्वविद्यालय में कुल सीटों की संख्या करीब 600 हो जाएगी।
ऑनलाइन के बाद ऑफलाइन काउंसलिंग भी
प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि एक जुलाई से 24 जुलाई के मध्य तीन राउंड ऑनलाइन काउंसलिंग कराने का प्रस्ताव है। इसमें जिन छात्रों का एडमिशन हो जाएगा उन्हें 26 जुलाई को रिपोर्टिंग करनी होगी। इसके बाद कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। शेष बची हुईं सीटों पर एक अगस्त से 14 अगस्त के मध्य तीन राउंड ऑफलाइन काउंसलिंग कराई जाएंगी।
रजिस्ट्रेशन फीस ढाई हजार रुपये
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन फीस ढाई हजार रुपये निर्धारित की है। यह नॉन रिफंडेबल है। मतलब अगर एडमिशन नहीं होता है तो भी यह रकम वापस नहीं की जाएगी। इसके अलावा एकेडमिक फीस एक लाख 35 हजार रुपये निर्धारित की गई है। यह फीस एडमिशन के दौरान छात्रों को देनी होगी।
प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि एक जुलाई से 24 जुलाई के मध्य तीन राउंड ऑनलाइन काउंसलिंग कराने का प्रस्ताव है। इसमें जिन छात्रों का एडमिशन हो जाएगा उन्हें 26 जुलाई को रिपोर्टिंग करनी होगी। इसके बाद कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। शेष बची हुईं सीटों पर एक अगस्त से 14 अगस्त के मध्य तीन राउंड ऑफलाइन काउंसलिंग कराई जाएंगी।
रजिस्ट्रेशन फीस ढाई हजार रुपये
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन फीस ढाई हजार रुपये निर्धारित की है। यह नॉन रिफंडेबल है। मतलब अगर एडमिशन नहीं होता है तो भी यह रकम वापस नहीं की जाएगी। इसके अलावा एकेडमिक फीस एक लाख 35 हजार रुपये निर्धारित की गई है। यह फीस एडमिशन के दौरान छात्रों को देनी होगी।