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सोती रही पुलिस: पिट गए स्टेट जीएसटी के अफसर, लुट गया माल, सूचना देने के बाद भी पुलिस ने नहीं की मदद
Tue, 24 Aug 2021 11:42 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 24 Aug 2021 11:42 AM IST
सार
स्टेट जीएसटी अफसरों पर हमले की सूचना के बाद भी पुलिस से मदद न मिलने की बात अफसरों ने लखनऊ में स्टेट जीएसटी कमिश्नर को बताई। इस पर कमिश्नर ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को प्रकरण से अवगत कराया।
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थाने में मौजूद अधिकारी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
फतेहपुर में बिंदकी पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। पुलिस थानाक्षेत्र में उलझी रही और बदमाश असलहों के बल पर अफसरों से सुपारी लदा ट्रक छुड़ाकर ले उड़े। घटना के बाद रविवार रात करीब सवा एक बजे स्टेट जीएसटी अफसरों ने बिंदकी थाने को सूचना दी। थानाध्यक्ष को बताया कि बदमाश माल छुड़ा ले गए हैं और उनके साथ मारपीट की गई है।
25 मिनट तक कोई मदद न मिलने पर करीब 1:40 बजे फिर से बिंदकी थाने को फोन करके मदद मांगी। इस पर बिंदकी पुलिस ने बताया कि घटनास्थल कल्याणपुर थाना क्षेत्र में आता है, वे कोई मदद नहीं कर सकते। इसके बाद जीएसटी अफसरों ने 2:17 बजे कल्याणपुर थाना, 2:20 बजे फतेहपुर के एसपी कार्यालयऔर 2:24 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देकर घटनाक्रम बताया।
सभी से अनुरोध किया कि नाकाबंदी करवाकर माल लदा ट्रक पकड़वाने और हमलावरों से बचाने में उनकी मदद करें। बावजूद इसके पुलिस हरकत में नहीं आई। इतना ही नहीं हमले की आशंका में बिंदकी थाने को पहले ही सूचना दे दी गई थी, इसके बाद भी कोई पुलिस वाला नहीं पहुंचा। इस बीच कानपुर से भेजी गईं स्टेट जीएसटी की अन्य सचल दल इकाइयां भी मौके पर पहुंच गईं।
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सभी इकाइयों ने मिलकर सुपारी लदी गाड़ी को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद स्टेट जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर बृजेश कुमार मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर राजाराम गुप्ता, डीके वर्मा, सुशील कुमार सिंह समेत कई आला अफसर फतेहपुर के कल्याणपुर थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई।
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25 मिनट तक कोई मदद न मिलने पर करीब 1:40 बजे फिर से बिंदकी थाने को फोन करके मदद मांगी। इस पर बिंदकी पुलिस ने बताया कि घटनास्थल कल्याणपुर थाना क्षेत्र में आता है, वे कोई मदद नहीं कर सकते। इसके बाद जीएसटी अफसरों ने 2:17 बजे कल्याणपुर थाना, 2:20 बजे फतेहपुर के एसपी कार्यालयऔर 2:24 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देकर घटनाक्रम बताया।
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सभी से अनुरोध किया कि नाकाबंदी करवाकर माल लदा ट्रक पकड़वाने और हमलावरों से बचाने में उनकी मदद करें। बावजूद इसके पुलिस हरकत में नहीं आई। इतना ही नहीं हमले की आशंका में बिंदकी थाने को पहले ही सूचना दे दी गई थी, इसके बाद भी कोई पुलिस वाला नहीं पहुंचा। इस बीच कानपुर से भेजी गईं स्टेट जीएसटी की अन्य सचल दल इकाइयां भी मौके पर पहुंच गईं।
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सभी इकाइयों ने मिलकर सुपारी लदी गाड़ी को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद स्टेट जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर बृजेश कुमार मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर राजाराम गुप्ता, डीके वर्मा, सुशील कुमार सिंह समेत कई आला अफसर फतेहपुर के कल्याणपुर थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई।
छुट्टी में खुला कार्यालय, दिन भर हुई जांच पड़ताल
अफसरों पर हमले के बाद लखनपुर स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय सोमवार को छुट्टी वाले दिन सुबह सात बजे ही खोल दिया गया। अफसरों का आना जाना शुरू हो गया। सुपारी की खरीद बिक्री से जुड़ी फर्मों की जांच पड़ताल शुरू हुई। पता चला कि कानपुर में जिस सर्वश्री सिंह इंटरप्राइजेज, सजारी में माल उतरना था, वहां इस नाम की कोई फर्म ही नहीं। इस पर टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कई गोदाम खंगाले। सप्लायर कंपनी ने कानपुर में जिस ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम दिया, वो भी पते पर नहीं मिली।
शासन तक पहुंची सूचना, तब पहुंचे एसपी
स्टेट जीएसटी अफसरों पर हमले की सूचना के बाद भी पुलिस से मदद न मिलने की बात अफसरों ने लखनऊ में स्टेट जीएसटी कमिश्नर को बताई। इस पर कमिश्नर ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को प्रकरण से अवगत कराया। उन्होंने फतेहपुर के एसपी को फोन करके प्रकरण की जानकारी मांगी और तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। मामला शासन तक पहुंचने के बाद पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह थाने पहुंचे और स्टेट जीएसटी अफसरों से बातचीत की। वे करीब ढाई घंटे तक थाने में रुके और घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित कीं।
अफसरों पर हमले के बाद लखनपुर स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय सोमवार को छुट्टी वाले दिन सुबह सात बजे ही खोल दिया गया। अफसरों का आना जाना शुरू हो गया। सुपारी की खरीद बिक्री से जुड़ी फर्मों की जांच पड़ताल शुरू हुई। पता चला कि कानपुर में जिस सर्वश्री सिंह इंटरप्राइजेज, सजारी में माल उतरना था, वहां इस नाम की कोई फर्म ही नहीं। इस पर टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कई गोदाम खंगाले। सप्लायर कंपनी ने कानपुर में जिस ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम दिया, वो भी पते पर नहीं मिली।
शासन तक पहुंची सूचना, तब पहुंचे एसपी
स्टेट जीएसटी अफसरों पर हमले की सूचना के बाद भी पुलिस से मदद न मिलने की बात अफसरों ने लखनऊ में स्टेट जीएसटी कमिश्नर को बताई। इस पर कमिश्नर ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को प्रकरण से अवगत कराया। उन्होंने फतेहपुर के एसपी को फोन करके प्रकरण की जानकारी मांगी और तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। मामला शासन तक पहुंचने के बाद पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह थाने पहुंचे और स्टेट जीएसटी अफसरों से बातचीत की। वे करीब ढाई घंटे तक थाने में रुके और घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित कीं।