{"_id":"5d9b8a2b8ebc3e0148604523","slug":"police-fir-aganist-man-over-torture-his-mother","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: मां को घर से निकालना बेटे को पड़ा भारी, पुलिस ने केस दर्ज कर हिरासत में लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: मां को घर से निकालना बेटे को पड़ा भारी, पुलिस ने केस दर्ज कर हिरासत में लिया
Tue, 08 Oct 2019 03:45 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: Abhishek Singh
Updated Tue, 08 Oct 2019 03:45 PM IST
विज्ञापन
जेल (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के हरदोई में वृद्ध मां को घर से निकालकर निराश्रित करना पुत्र के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीनियर सिटीजन वेलफेयर अधिनियम 2007 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में भी ले लिया है।
विज्ञापन
पाली थाना क्षेत्र के ग्राम मुंडेर के मजरा खेमपुर निवासी मोहिनी (70) पत्नी झब्बू गांव में झोपड़ी में रहती है। किसी तरह इसकी जानकारी थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर को हुई तो वह साथियों के साथ रविवार को मौके पर गए और वृद्धा की आर्थिक मदद के साथ ही खाद्यान्न भी उपलब्ध कराया था।
विज्ञापन
पुलिस के इस कार्य से प्रेरणा लेकर कुछ और लोगों ने भी 51 हजार रुपये एकत्र कर वृद्धा को सौंप दिए। पुलिस को पता चला कि मोहिनी के पुत्र रतिपाल ने उसे घर से निकाल दिया और मानसिक रूप से बीमार भाई गट्टू को भी साथ में भेज दिया। इसके चलते वृद्धा गट्टू के साथ किसी तरह जीवन गुजार रही है।
पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान सर्वेश मौर्या की तहरीर पर सीनियर सिटीजन वेलफेयर अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज करने के साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 491 के तहत भी रतिपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में ये अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें रिपोर्ट दर्ज की गई है।
तीन माह तक की सजा का है प्रावधान
सीनियर सिटीजन वेलफेयर अधिनियम 2007 की धारा 24 के तहत आरोपी को तीन माह तक की सजा दी जा सकती है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया जा सकता है। दोनों सजाएं एक साथ भी दी जा सकती हैं।
पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान सर्वेश मौर्या की तहरीर पर सीनियर सिटीजन वेलफेयर अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज करने के साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 491 के तहत भी रतिपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में ये अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें रिपोर्ट दर्ज की गई है।
तीन माह तक की सजा का है प्रावधान
सीनियर सिटीजन वेलफेयर अधिनियम 2007 की धारा 24 के तहत आरोपी को तीन माह तक की सजा दी जा सकती है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया जा सकता है। दोनों सजाएं एक साथ भी दी जा सकती हैं।