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कानपुर पुलिस कमिश्नरी: साइबर अपराध की बंद फाइलें खुलेंगी, पुलिस-माफिया गठजोड़ भी खुलेगा

Tue, 06 Apr 2021 02:17 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 06 Apr 2021 02:17 PM IST
सार

- एडिशनल सीपी और डीसीपी क्राइम ने दी जानकारी, क्राइम ब्रांच को किया गया मजबूत
- इसके अधीन ही साइबर, बैंक फ्रॉड, आर्थिक, संगठित अपराध रोकथाम सेल करेगी काम

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police commissioner system in Kanpur up
यूपी पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में पुलिस कमिश्नरी में क्राइम ब्रांच को और मजबूत करते हुए नया रूप दिया गया है। आईपीएस समेत अन्य कई अफसरों की तैनाती की गई है। अब क्राइम ब्रांच हाईटेक तरीके से काम करेगी। सबसे पहले साइबर अपराध के उन मामलों की जांच शुरू होगी, जो बंद कर दिए गए थे या जिनकी फाइल बंद कर दी गई थी।
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क्राइम ब्रांच माफिया के साथ गठजोड़ रखने वाले पुलिसकर्मियों को भी चिह्नित करेगी। ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई भी होगी, ताकि बिकरू कांड जैसी वारदातें न दोहराई जाएं। क्राइम ब्रांच में उन्हीं मामलों की जांच होगी, जिन्हें पुलिस कमिश्नर ट्रांसफर करेंगे।
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एडिशनल सीपी क्राइम डॉ. मनोज कुमार और डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने सोमवार को ऑनलाइन प्रेसवार्ता में बताया कि क्राइम ब्रांच में एक डीसीपी क्राइम, दो एडीसीपी और तीन एसीपी की तैनाती होगी। एडीसीपी प्रथम के अधीन दो एसीपी काम करेंगे, जबकि दूसरे एडीसीपी के अधीन एक एसीपी होगा।
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क्राइम ब्रांच ही साइबर सेल, एंटी नारकोटिक्स सेल, वाहन चोरी व नकबजनी सेल, बैंक फ्रॉड व आर्थिक अपराध सेल, संगठित अपराध रोकथाम की रणनीतियां, फिरौती-अपहरण रोधी सेल, जुआ-मादक पदार्थ रोधी सेल और अनुबंध हत्या व शस्त्र रोधी सेल शामिल रहेगी।

गुंडा, रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून), गैंगस्टर आदि के प्रस्ताव बनाएंगे, अपराधियों की कार्यप्रणाली सेल, गुमशुदा सेल, डीसीआरबी, अपराधियों के दस्तावेज व फोटोग्राफ आदि का संकलन, अपराधियों की त्रिनेत्र व जेल एप से निगरानी की जाएगी। क्राइम ब्रांच की निगरानी एडिशनल सीपी क्राइम करेंगे।

विधिक के साथ कई अन्य सेल भी बनेंगी
एडिशनल सीपी ने बताया कि विधिक राय लेने में अक्सर समय जाया होता है लिहाजा अब क्राइम ब्रांच में एक लीगल सेल बनाई जाएगी। जो पेचीदा मामलों में अपनी राय देगी। इसके अलावा क्राइम ब्रांच के तहत काउंटर इंटेलीजेंस सेल, फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वॉड, कोल्ड केस सेल आदि का गठन किया जाएगा। 

महिला अपराध पर कसेगा शिकंजा
एक एसीपी की तैनाती एंटी वीमेन क्राइम के पद पर होगी। इनका काम महिला संबंधी मामलों की जांच और उनकी निगरानी करना होगा। अब स्वाट, सर्विलांस, और क्रिमनल इंटेलीजेंस टीम सीधे डीसीपी के अधीन काम करेगी। 

एटीएस-एसटीएफ संग प्रशिक्षण लेंगे पुलिसकर्मी
एडिशनल सीपी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि कानपुर में आतंकी गतिविधियों होती रही हैं। इसलिए क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों को एटीएस और एसटीएफ के साथ ट्रेनिंग कराई जाएगी। इससे वे आतंकियों से मोर्चा लेने समेत ऐसी वारदातों में बेहतर जांच व साक्ष्य संकलन की बारीकियां सीख सकेंगे।

इन मामलों की फाइलें दोबारा खुलेंगी
क्राइम ब्रांच साइबर अपराध के प्रमुख मामले दोबारा खोलेगी। इनमें आईआईटी के निदेशक और पूर्व एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल का फर्जी फेसबुक आईडी बनाने का केस भी शामिल है। इसके अलावा सिविल लाइंस में डाटा हैक कर फिरौती में बिटक्वाइन मांगने, व्यापारी से 70 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले सूची में शामिल किए गए हैं। एडिशनल सीपी ने बताया कि अन्य मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
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