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व्हाट्सएप पर 'सेक्स रैकेट' के 'किंग्स ऑफ काकादेव', ग्राहकों में नौकरी पेशे से जुड़ी महिलाएं और पुरुष
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 05 Nov 2018 09:07 AM IST
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सेक्स रैकेट में पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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रेलबाजार पुलिस ने रविवार को बडे़ शहरों की तरह व्हाट्सएप ग्रुप पर सेक्स रैकेट चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। गैंग के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरगना काकादेव में एक कोचिंग का सुपरवाइजर है। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को भी जाल में फंसाकर ग्रुप से जोड़ता था। फिर उनसे गलत काम करवाता था।
एसपी पूर्वी राजकुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर रेलबाजार मनोज रघुवंशी ने टीम के साथ रानीगंज, काकादेव निवासी सरगना मोहित शुक्ला, मूलरूप से नेपाल निवासी संदीप और सूरज सिंह को गिरफ्तार किया है। संदीप और सूरज इस वक्त काकादेव में रह रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि व्हाट्सएप पर किंग्स ऑफ काकादेव नाम से ग्रुप बनाकर दो साल से सेक्स रैकेट चला रहे थे। ग्रुप में 13 युवक व सात लड़कियां शामिल थीं।
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एसपी पूर्वी राजकुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर रेलबाजार मनोज रघुवंशी ने टीम के साथ रानीगंज, काकादेव निवासी सरगना मोहित शुक्ला, मूलरूप से नेपाल निवासी संदीप और सूरज सिंह को गिरफ्तार किया है। संदीप और सूरज इस वक्त काकादेव में रह रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि व्हाट्सएप पर किंग्स ऑफ काकादेव नाम से ग्रुप बनाकर दो साल से सेक्स रैकेट चला रहे थे। ग्रुप में 13 युवक व सात लड़कियां शामिल थीं।
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कोचिंग में सुपरवाइजर होने के नाते मोहित ने मेडिकल, इंजीनियरिंग व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को लालच देकर ग्रुप से जोड़ लिया था। धंधे के लिए उसने जरूरतमंद लोगों को भी ग्रुप से जोड़ रखा था। वह डिमांड के मुताबिक लड़के और लड़कियों की सप्लाई करता था। इसके एवज में वह उनसे तीन से पांच हजार रुपये वसूलता था। रेल बाजार की एक महिला को भी उन लोगों ने ग्रुप से जोड़ लिया था। इस महिला की शिकायत से ही गैंग पकड़ा गया है।
ऐसे बनाते थे ग्राहक
मोहित के निशाने पर छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी रहते थे। कोचिंग में विद्यार्थियों के बायोडाटा से अभिभावकों के मोबाइल नंबर हासिल कर लेता था। इसके बाद उनको अश्लील फोटो और वीडियो भेजता था। अधिकांश लोग ग्रुप छोड़कर चले जाते थे। जवाब देने वालों की वह डिमांड पूरी करता था। ग्राहकों में ज्यादातर नौकरी पेशा से जुड़ी महिलाएं और पुरुष हैं।
ऐसे बनाते थे ग्राहक
मोहित के निशाने पर छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी रहते थे। कोचिंग में विद्यार्थियों के बायोडाटा से अभिभावकों के मोबाइल नंबर हासिल कर लेता था। इसके बाद उनको अश्लील फोटो और वीडियो भेजता था। अधिकांश लोग ग्रुप छोड़कर चले जाते थे। जवाब देने वालों की वह डिमांड पूरी करता था। ग्राहकों में ज्यादातर नौकरी पेशा से जुड़ी महिलाएं और पुरुष हैं।