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थूकने के विरोध पर सभासद की पत्नी-बच्चों को जिंदा जलाया
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कानपुर देहात जिले के अकबरपुर में सभासद की पत्नी व दो मासूम को जलाकर हत्या करने वाले आरोपी अवनीश प?
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। अकबरपुर के नेहरू नगर में सभासद की पत्नी व दो बच्चों को पेट्रोल डालकर जलाने की घटना का बुधवार को एएसपी ने खुलासा कर दिया। एएसपी ने दावा किया कि सभासद का किरायेदार आरोपी अवनीश प्रजापति पान मसाला खाकर दीवारों पर थूकता था। सभासद की पत्नी इसका विरोध करती थी। इससे नाराज होकर उसने महिला व उसके दो बच्चों को जिंदा फूंक दिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बुधवार को माती पुलिस दफ्तर में घटना का खुलासा करते हुए एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि प्यारेपुर सराय इनायत, प्रयागराज निवासी अवनीश प्रजापति पत्नी ऊषा के साथ नेहरू नगर में सभासद जितेंद्र यादव के मकान में किराये पर रहता था। पत्नी सिपाही है, जबकि अवनीश बेरोजगार है। वह मकान में पान मसाला खाकर थूकता था। सभासद की पत्नी अर्चना विरोध करती थीं और सफाई के लिए कहती थी। इसी बात से वह खफा रहता था। घटना से तीन दिन पहले अर्चना से अवनीश की इसी बात पर कहासुनी हुई थी। वह एक बोतल में एक लीटर पेट्रोल खरीदकर लाया। उसने 28 फरवरी की शाम अर्चना पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। वह रसोईघर में पांच साल की बेटी अक्षिता व 18 माह के बेटे हनू को खाना खिला रही थी। आग की चपेट में आकर अर्चना व दोनों बच्चों की मौत हो गई। अर्चना कस्बा के ही रामगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थीं। एएसपी ने बताया कि शातिर प्रवृत्ति का है। वह साफ सफाई के लिए कहने पर नाराज रहता था।
खुलासे के लिए गढ़ी गई नई कहानी
अभी तक सभासद व उनका पूरा परिवार किरायेदार सिपाही ऊषा व उसके पति अवनीश प्रजापति से कभी कोई कहासुनी न होने की बात कह रहे थे। पुलिस लगातार यही बात दोहरा रही थी। 48 घंटे बाद दी गई तहरीर में सभासद ने थूकने के विवाद में कहासुनी की बात लिखी। पुलिस ने भी इसी बात पर घटना होने का खुलासा कर दिया। पुलिस अफसर दो दिन तक वजह स्पष्ट नहीं कर पा रहे थे। फिर अचानक कहासुनी में ही हत्या की बात बता कर खानापूरी कर दी गई। लोगों में चर्चा है कि पुलिस ने खुलासे के लिए नई कहानी गढ़ कर तहरीर ले ली और उसी के अनुसार खानापूरी कर दी।
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बुधवार को माती पुलिस दफ्तर में घटना का खुलासा करते हुए एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि प्यारेपुर सराय इनायत, प्रयागराज निवासी अवनीश प्रजापति पत्नी ऊषा के साथ नेहरू नगर में सभासद जितेंद्र यादव के मकान में किराये पर रहता था। पत्नी सिपाही है, जबकि अवनीश बेरोजगार है। वह मकान में पान मसाला खाकर थूकता था। सभासद की पत्नी अर्चना विरोध करती थीं और सफाई के लिए कहती थी। इसी बात से वह खफा रहता था। घटना से तीन दिन पहले अर्चना से अवनीश की इसी बात पर कहासुनी हुई थी। वह एक बोतल में एक लीटर पेट्रोल खरीदकर लाया। उसने 28 फरवरी की शाम अर्चना पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। वह रसोईघर में पांच साल की बेटी अक्षिता व 18 माह के बेटे हनू को खाना खिला रही थी। आग की चपेट में आकर अर्चना व दोनों बच्चों की मौत हो गई। अर्चना कस्बा के ही रामगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थीं। एएसपी ने बताया कि शातिर प्रवृत्ति का है। वह साफ सफाई के लिए कहने पर नाराज रहता था।
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खुलासे के लिए गढ़ी गई नई कहानी
अभी तक सभासद व उनका पूरा परिवार किरायेदार सिपाही ऊषा व उसके पति अवनीश प्रजापति से कभी कोई कहासुनी न होने की बात कह रहे थे। पुलिस लगातार यही बात दोहरा रही थी। 48 घंटे बाद दी गई तहरीर में सभासद ने थूकने के विवाद में कहासुनी की बात लिखी। पुलिस ने भी इसी बात पर घटना होने का खुलासा कर दिया। पुलिस अफसर दो दिन तक वजह स्पष्ट नहीं कर पा रहे थे। फिर अचानक कहासुनी में ही हत्या की बात बता कर खानापूरी कर दी गई। लोगों में चर्चा है कि पुलिस ने खुलासे के लिए नई कहानी गढ़ कर तहरीर ले ली और उसी के अनुसार खानापूरी कर दी।

घटना का खुलासा करते एएसपी घनश्याम चौरसिया मौजूद सीओ संदीप सिंह व कोतवाल।- फोटो : AKBARPUR
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