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यूपी: गन्ना उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनाने वाले किसान से प्रधानमंत्री ने की बात, अरविंद ने दिया बेबाकी से जवाब
Sat, 05 Jun 2021 04:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 05 Jun 2021 04:01 PM IST
सार
किसान अरविंद ने प्रधानमंत्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। साथ ही साथ विभिन्न प्रशिक्षणों और कार्यशालाओं में जो कुछ सिखाया गया उस पर भी अमल किया।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसान से प्रधानमंत्री ने की बात
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरदोई जिले के पुरवा देवरिया निवासी किसान अरविंद कुमार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। अरविंद चीनी मिल हरियावां के कैंपस में मौजूद रहे। अरविंद कुमार ने गन्ना उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अरविंद से खेती में आधुनिक तकनीक और जैविक खाद का इस्तेमाल कर गन्ना उत्पादन के तरीकों के बारे में जाना। अरविंद ने पीएम के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया।
अरविंद ने बताया कि उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। साथ ही साथ विभिन्न प्रशिक्षणों और कार्यशालाओं में जो कुछ सिखाया गया उस पर भी अमल किया। जैविक खाद का उपयोग किया। कंप्यूटरीकृत लेवलर से खेत को बराबर कराने में मदद ली। अच्छी उपज के लिए गन्ने की खेती से पहले खेत में ढैंचा बोया, गोबर की खाद डालकर खेत की जुताई की, ट्रेंच विधि से गन्ना बोया, बीज शोधन कराया और बीज के चयन पर भी ध्यान दिया।
गन्ने की औसत उपज से तीन गुना ज्यादा गन्ना पैदा करने पर अरविंद को शाहजहांपुर में आयोजित गन्ना मिठास मेला में 17 मार्च को गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने सम्मानित किया था। ग्राम पुरवा निवासी अरविंद स्नातक हैं। कई साल से वे खेती कर रहे हैं। करीब दो साल पहले उन्होंने गन्ने की खेती का तरीका बदल दिया।
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विभिन्न किसान गोष्ठियों और कार्यशालाओं में दी जाने वाली जानकारी का उपयोग कर अरविंद ने ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई की। उन्होंने शरदकालीन बुवाई अक्तूबर में ही कर दी और बसंत कालीन बुवाई भी नियम के मुताबिक फरवरी में कर दी। नतीजा यह हुआ कि गन्ने का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। अरविंद की मेहनत, तकनीक के इस्तेमाल और जैविक खादों के प्रयोग के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया था। इसके बाद उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया गया था।
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अरविंद ने बताया कि उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। साथ ही साथ विभिन्न प्रशिक्षणों और कार्यशालाओं में जो कुछ सिखाया गया उस पर भी अमल किया। जैविक खाद का उपयोग किया। कंप्यूटरीकृत लेवलर से खेत को बराबर कराने में मदद ली। अच्छी उपज के लिए गन्ने की खेती से पहले खेत में ढैंचा बोया, गोबर की खाद डालकर खेत की जुताई की, ट्रेंच विधि से गन्ना बोया, बीज शोधन कराया और बीज के चयन पर भी ध्यान दिया।
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गन्ने की औसत उपज से तीन गुना ज्यादा गन्ना पैदा करने पर अरविंद को शाहजहांपुर में आयोजित गन्ना मिठास मेला में 17 मार्च को गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने सम्मानित किया था। ग्राम पुरवा निवासी अरविंद स्नातक हैं। कई साल से वे खेती कर रहे हैं। करीब दो साल पहले उन्होंने गन्ने की खेती का तरीका बदल दिया।
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विभिन्न किसान गोष्ठियों और कार्यशालाओं में दी जाने वाली जानकारी का उपयोग कर अरविंद ने ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई की। उन्होंने शरदकालीन बुवाई अक्तूबर में ही कर दी और बसंत कालीन बुवाई भी नियम के मुताबिक फरवरी में कर दी। नतीजा यह हुआ कि गन्ने का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। अरविंद की मेहनत, तकनीक के इस्तेमाल और जैविक खादों के प्रयोग के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया था। इसके बाद उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया गया था।