फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Plastic City: The road is very difficult... More than 400 potholes on two km long road

प्लास्टिक सिटी: बहुत कठिन है डगर... दो किमी. सड़क पर 400 से ज्यादा गड्ढे

Thu, 16 Jan 2025 06:56 PM IST
शिखा पांडेय तारिक इकबाल, अमर उजाला, औरैया
तारिक इकबाल, अमर उजाला, औरैया Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 16 Jan 2025 06:56 PM IST
सार

Auraiya News: प्लास्टिक सिटी की जर्जर सड़कें देख कई ने आवंटन के बाद रजिस्ट्री भी नहीं कराई है। प्लास्टिक सिटी के मेन गेट के पास ही सड़क पर बड़ा गड्ढा है।

विज्ञापन
Plastic City: The road is very difficult... More than 400 potholes on two km long road
प्लास्टिक सिटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करीब दो दशक पहले बनी प्लास्टिक सिटी आबाद होने से पहले ही वीरान दिख रही है। यहां दो किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क पर 400 से अधिक बड़े और गहरे गड्ढे हैं। गड्ढों में गाड़ियां फंसने से लोगों का निकलना मुश्किल है। उपयोग में न आने से उनमें से कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं।
विज्ञापन


औरैया को औद्योगिक उड़ान देने के लिए जिस प्लास्टिक सिटी का खाका तैयार किया गया था, अब वह बेदम पड़ा है। यहां 300 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में फैले प्लास्टिक पार्क को कई खंडों में बांटा गया है। औरैया-दिबियापुर रोड से ककोर-कंचौसी को जोड़ने वाली इस सड़क को फोरलेन तो बना दिया गया, लेकिन गुणवत्ता की अनदेखी की गई। यहां जिन प्लॉटों में प्लांट और कारखाने लगने थे, उनमें झाड़ियां उगी हुई हैं। उंगलियों पर गिनती के लायक कुछ प्लांट बने जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह से आबाद नहीं हो सके हैं। सड़क की खस्ता हालत देखकर वह निवेशक भी यहां निवेश करने से हिचक रहे हैं, जिन्होंने अलग-अलग काम के लिए प्लॉटों का आवंटन करा रखा है। कई ने तो आवंटन के बाद रजिस्ट्री भी नहीं कराई है।
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी और यूपीसीडा में चल रहा चिट्ठी-चिट्ठी का खेल
प्लास्टिक सिटी के बीच से होकर गुजरी मुख्य सड़क ककोर को कंचौसी से जोड़ती है। पहले यह सड़क पीडब्ल्यूडी के दायरे में थी। बाद में प्लास्टिक सिटी बनी तो यूपीसीडा ने इसके दो किलोमीटर के हिस्से को अपने जिम्मे में लेकर उसे फोरलेन में बदल दिया। इस सड़क का जो हिस्सा पीडब्ल्यूडी के दायरे में है। जो हिस्सा यूपीसीडा के जिम्मे में है, वह पूरी तरह से जर्जर है। अब उसकी मरम्मत के लिए दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। यूपीसीडा ने इसकी मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को चिट्ठी लिखी। पीडब्ल्यूडी ने सर्वे करके 29 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर भेज दिया। बाद में यूपीसीडा ने कुल रकम का 25 फीसदी हिस्सा देकर काम शुरू करवाने को कहा। पीडब्ल्यूडी ने चिट्ठी लिखकर रकम की मांग की। इस तरह दोनों के बीच चिट्ठी-चिट्ठी का खेल चल रहा है। सड़क मरम्मत के लिए कदम नहीं बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

इसलिए बना था प्लास्टिक सिटी का खाका
दरअसल जिले के औद्योगिक क्षेत्र दिबियापुर में एनटीपीसी और गेल का प्लांट है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां अलग से औद्योगिक नगरी बसाने का खाका बना। इसी के तहत 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में औरैया-दिबियापुर रोड से कंचौसी जाने वाली सड़क के करीब जमीन की तलाश हुई। यूपीएसआईडीसी की मदद से 331.58 एकड़ जमीन चिह्नित कर औद्योगिक क्षेत्र का नाम दिया गया। साल 2012 में सपा की सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे प्लास्टिक सिटी का नाम दिया। मकसद था कि गेल में तैयार होने वाले प्लास्टिक दाने से प्लास्टिक से जुड़े उत्पाद तैयार होंगे। इससे क्षेत्र में औद्योगिक माहौल बनेगा। बड़े निवेशक आएंगे। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। औद्योगिक, आवासीय टाउनशिप, बाजार, बैंक, स्कूल, छात्रावास, पार्क आदि का प्रस्ताव भी बना। जो खाका तैयार हुआ, वह धरातल से दूर है।
विज्ञापन

प्लास्टिक सिटी का लेखा-जोखा
- 2006 में दिबियापुर के पांच गांवों की 331.58 एकड़ भूमि का अधिग्रहण
- 274.4 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल यूनिट का प्रस्ताव
- 84.93 एकड़ में रेजिडेंशियल यूनिट व इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का खाका
- 337 प्लॉट में से 175 का ही आवंटन हो सका है
- 05 कारखाने ही लग सके हैं आवंटित प्लॉट में
- 18 साल बाद भी 162 प्लॉटों का आवंटन नहीं हो सका है

बोले जिम्मेदार

ककोर से कंचौसी के बीच की सड़क प्लास्टिक सिटी से होकर गुजरती है। बीच की मुख्य 2.25 किमी लंबी सड़क यूपीसीडा के जिम्मे है। जो हिस्सा पीडब्ल्यूडी के जिम्मे है। 2.25 किमी सड़क को नए सिरे से बनाने में 29 करोड़ 43 लाख रुपये का खर्च होगा। - अमर सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी औरैया

प्लास्टिक सिटी की मुख्य सड़क पीडब्ल्यूडी की ही है। इसलिए इसका निर्माण उसी को करना है। निर्माण में जो खर्च आएगा उसकी 25 फीसदी रकम यूपीसीडा की ओर से पीडब्ल्यूडी को दिया जाएगा। यह बात शासन तक पहुंचा दी गई है। अंदर की सड़क यूपीसीडा बनवा रही है। - मंसूर कटियार, आरएम यूपीसीडा कानपुर

प्लास्टिक सिटी में आवंटित प्लॉटों पर उद्योग शुरू कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिन निवेशकों को प्लॉट आवंटित हुए हैं, उनसे संपर्क कर काम शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बिजली की सुविधा उपलब्ध है। सड़क की मरम्मत के लिए भी प्रयास जारी है। - दुर्गेश कुमार, उपायुक्त उद्योग औरैया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed