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रिकार्ड बनाने को लगाए पौधे, मवेशी चर गए तो कहीं मुरझा गए
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कानपुर देहात। एक दिन के अभियान में रविवार को जिले में 4684536 पौधे लगाए गए। अब इन पौधों की सुरक्षा बड़ी चुनौती है। बिना सुरक्षा रोपे लए पौधे सुरक्षित रह पाएंगे इसमें संशय है। एक दिन के पौधरोपण के महाअभियान की सोमवार को पड़ताल की गई तो नजारा कुछ दूसरा ही दिखा।
ट्री गार्ड नहीं लगे होने से कई जगह मवेशी जहां पौधे चर गए वहीं सिंचाई की भी व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर पौधे मुरझा गए। कुछ ऐसा ही हाल झींझक, राजपुर, संदलपुर व रसूलाबाद में दिखा। यहां पौधरोपण स्थल पर केवल डंठल ही लगे मिले। गर्मी पड़ने और सिंचाई के अभाव में भी काफी पौधे मुरझा गए। ये पौधे फिर से हरे हो पाएंगे यह कहना मुश्किल है।
पौधों के बचे अब सिर्फ डंठल
झींझक। ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा से 1 लाख 5 हजार व राज्यवित्त से 11 हजार पांच सौ पौधे लगाए गए। सीएचसी परिसर में लगाए गए पौधे समुचित देखभाल व सिंचाई के अभाव में दूसरे दिन ही मुरझा कर सूख गए। कुछ पौधे छुट्टा मवेशी चर गए। यहां अब डंठल ही बचे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि छुट्टा मवेशी कुछ पौधे चर गए हैं। पौधे सूखें नहीं इसके लिए सिंचाई कराई जाएगी।
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पौधरोपण के बाद संरक्षण पर नहीं ध्यान
रसूलाबाद। थाना परिसर में सीओ व प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में 6 सौ पौधे रविवार को लगाए गए। ट्री गार्ड के अभाव में छुट्टा मवेशी कई पौधे चर गए। रामलीला मैदान में रोपे गए 50 पौधों में 15 पौधे मवेशी चर गए। गड्ढों में सिर्फ डंठल बचे हैं। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि ट्री गार्ड के अभाव में मवेशी पौधे चर गए हैं।
पौधे लगाकर भूल गए अफसर
राजपुर। कस्बे के जूनियर स्कूल परिसर में 105 पौधे लगाए गए। इसके बाद अधिकारी इनके संरक्षण पर ध्यान देना भूल गए। खुले में लगे पौधे छुट्टा मवेशी चर गए। नगर पंचायत की ओर से रामलीला परिसर, काजी हाउस में लगाए गए पौधे भी छुट्टा मवेशियों का निवाला बने हैं। एसडीएम रमेश चंद्र यादव ने बताया कि ईओ को पौधों की देखभाल के निर्देश दिए हैं।
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से लगाए गए 13 लाख से अधिक पौधों की सुरक्षा के लिए मनरेगा से खाईं खोदाई के निर्देश सीडीओ ने दिए हैं। अन्य विभागों को भी लगाए गए पौधों की समुचित देखदेख करने को कहा गया है। पूरी स्थिति से सीडीओ को अवगत कराया जाएगा। स्थलीय निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। - अशोक चंद्रा, डीएफओ/ नोडल अधिकारी पौधरोपण
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ट्री गार्ड नहीं लगे होने से कई जगह मवेशी जहां पौधे चर गए वहीं सिंचाई की भी व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर पौधे मुरझा गए। कुछ ऐसा ही हाल झींझक, राजपुर, संदलपुर व रसूलाबाद में दिखा। यहां पौधरोपण स्थल पर केवल डंठल ही लगे मिले। गर्मी पड़ने और सिंचाई के अभाव में भी काफी पौधे मुरझा गए। ये पौधे फिर से हरे हो पाएंगे यह कहना मुश्किल है।
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पौधों के बचे अब सिर्फ डंठल
झींझक। ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा से 1 लाख 5 हजार व राज्यवित्त से 11 हजार पांच सौ पौधे लगाए गए। सीएचसी परिसर में लगाए गए पौधे समुचित देखभाल व सिंचाई के अभाव में दूसरे दिन ही मुरझा कर सूख गए। कुछ पौधे छुट्टा मवेशी चर गए। यहां अब डंठल ही बचे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि छुट्टा मवेशी कुछ पौधे चर गए हैं। पौधे सूखें नहीं इसके लिए सिंचाई कराई जाएगी।
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पौधरोपण के बाद संरक्षण पर नहीं ध्यान
रसूलाबाद। थाना परिसर में सीओ व प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में 6 सौ पौधे रविवार को लगाए गए। ट्री गार्ड के अभाव में छुट्टा मवेशी कई पौधे चर गए। रामलीला मैदान में रोपे गए 50 पौधों में 15 पौधे मवेशी चर गए। गड्ढों में सिर्फ डंठल बचे हैं। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि ट्री गार्ड के अभाव में मवेशी पौधे चर गए हैं।
पौधे लगाकर भूल गए अफसर
राजपुर। कस्बे के जूनियर स्कूल परिसर में 105 पौधे लगाए गए। इसके बाद अधिकारी इनके संरक्षण पर ध्यान देना भूल गए। खुले में लगे पौधे छुट्टा मवेशी चर गए। नगर पंचायत की ओर से रामलीला परिसर, काजी हाउस में लगाए गए पौधे भी छुट्टा मवेशियों का निवाला बने हैं। एसडीएम रमेश चंद्र यादव ने बताया कि ईओ को पौधों की देखभाल के निर्देश दिए हैं।
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से लगाए गए 13 लाख से अधिक पौधों की सुरक्षा के लिए मनरेगा से खाईं खोदाई के निर्देश सीडीओ ने दिए हैं। अन्य विभागों को भी लगाए गए पौधों की समुचित देखदेख करने को कहा गया है। पूरी स्थिति से सीडीओ को अवगत कराया जाएगा। स्थलीय निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। - अशोक चंद्रा, डीएफओ/ नोडल अधिकारी पौधरोपण