ग्रह स्थिति: कुंभ राशि में प्रवेश करेगा शनि, इन राशियों के लिए फलदायी, इनके लिए मुसीबत
पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक अध्यक्ष केए दुबे पद्मेश के अनुसार यह परिवर्तन विभिन्न राशियों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करेगा। बताया कि शनि के परिवर्तन से लोकतांत्रिक देशों में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन होंगे। जलीय व पर्वतीय अंचलों के लिए यह शनि कष्टदायी होगा।
विस्तार
शनि का प्रवेश 17 जनवरी से कुंभ राशि में हो रहा है। शनि का परिवर्तन एक राशि से दूसरी राशि में लगभग 30 महीने में होता है। वर्तमान में मकर राशि में शनि चल रहा है। पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक अध्यक्ष केए दुबे पद्मेश के अनुसार यह परिवर्तन विभिन्न राशियों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करेगा।
बताया कि शनि के परिवर्तन से लोकतांत्रिक देशों में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन होंगे। जलीय व पर्वतीय अंचलों के लिए यह शनि कष्टदायी होगा। अनेक देशों में प्राकृतिक प्रकोप से भारी नुकसान होगा। भारत के कुछ हिस्से भी अछूते नहीं रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी के लिए विशेष फलदायी होगा। कांग्रेस को अपने प्रभाव को बढ़ाने में किसी हद तक सफलता मिलेगी, जबकि क्षेत्रीय दलों में तमाम उतार-चढ़ाव होंगे। कई बड़े अधिकारियों के पदों में परिवर्तन भी होगा। बताया कि तीन फरवरी से 13 मार्च के बीच शनि अस्त रहेगा।
इनके लिए शनि अच्छा है, उन्हें इस कालखंड में भगवान शिव, हनुमानजी या श्रीकृष्ण की उपासना करनी चाहिए। 17 जून से चार नवंबर के मध्य शनि वक्री रहेगा। इनका शनि कष्टदायक है, उन्हें इस कालखंड मे लाभ मिलेगा। जिनका शनि अच्छा परिणाम देने वाला है, शनि इस कालखंड में कुछ न कुछ परेशानी दे सकता है।
राशियों पर इस तरह पड़ेगा प्रभाव
मेष : स्वास्थ्य में सुधार होगा। यदि आप विवाह की दहलीज पर हैं तो विवाह के बंधन में बंधेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में किया गया प्रयास सार्थक होगा। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। कोई नया पद या प्रतिष्ठा मिलेगी।
वृष : दशम् शनि कर्म करने से ही सफलता देगा। आर्थिक सफलता के लिए अधिक श्रम करना पड़ेगा। पारिवारिक संपत्ति का भय बना रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
मिथुन : लघु कल्याणकारी ढइया से मुक्ति मिलेगी, लेकिन अधीनस्थ कर्मचारी, पड़ोसी, भाई आदि से मानसिक तनाव मिलेगा। धार्मिक प्रवृति में वृद्धि होगी। रचनात्मक प्रयास सार्थक होंगे।
कर्क : अष्टम् शनि कष्टदायी होगा। लघु कल्याणकारी शनि का ढइया प्रारंभ हो रहा है। इससे शासन सत्ता, पिता आदि से तनाव मिलेगा। स्त्री पक्ष से भी कष्ट मिल सकता है।
कन्या : छठा शनि सफलता दायक है। बेरोजगारी से मुक्ति मिलेगी। स्वास्थ्य उत्तम होगा। यदि आप विवाह की दहलीज पर हैं तो विवाह के बंधन में बंधेंगे। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
तुला : अधिक श्रम करना होगा। बुद्धि कौशल से किया गया कार्य संपन्न होगा। आर्थिक मामलों में प्रगति होगी, लेकिन मादक वस्तुएं स्वास्थ्य व प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती हैं।
वृश्चिक : शनि का लघु कल्याणकारी ढइया शुरू होगा। इस कारण से शासन सत्ता से तनाव मिल सकता है। व्यर्थ का व्यय होगा। पारिवारिक मामलों में सावधानी रखें। स्थान परिवर्तन की भी संभावना है।
धनु : तीसरा शनि पारिवारिक दायित्व की पूर्ति कराएगा। संतान को नौकरी, विवाह की दिशा में सफलता मिलेगी लेकिन ससुराल पक्ष से या पिता पक्ष से तनाव मिल सकता है। शनि की साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी।
मकर : शनि की साढ़े साती का अंतिम ढइया है, जो कि स्थान परिवर्तन, विदेश यात्रा का योग है। यदि विवाह की दहलीज पर हैं तो विवाह के बंधन में बंध सकते हैं, लेकिन संतान के कारण चिंतित रहेंगे।
कुंभ : शनि की साढ़े साती का दूसरा ढइया है। आर्थिक मामलों में सुधार होगा। पारिवारिक तनाव भी मिलेंगे। जिम्मेदारी में वृद्धि होगी। रिश्तेदारों के विवाद में न पड़े।
मीन : शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ हो रही है। इस कारण से कर्मक्षेत्र में बाधाएं आएगी। संतान के लिए चिंतित रहेंगे। किसी तरह का जोखिम न उठाएं।