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Kanpur News: करदाताओं की निजी गोपनीयता होगी भंग, व्हाट्सएप, फेसबुक पर अफसरों की रहेगी नजर
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कानपुर। कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से बुधवार को आर्यनगर स्थित क्लब में आयकर विधेयक 2025 पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि अब आयकरदाता की निजी गोपनीयता समाप्त होगी। उनकी निजी, व्यावसायिक और अन्य गतिविधियों पर आयकर विभाग की नजर में रहेगी।
मुख्य वक्ता सीए नवीन भार्गव ने कहा कि आयकर विभाग को अधिकार दिया गया है कि वह करदाता के व्हाट्सएप, फेसबुक, क्लाउड्स, इंस्टाग्राम समेत सभी वर्चुअल एवं इंटरनेट एकाउंट्स की जांच कर सकेंगे। इसके लिए पासवर्ड पाने का अधिकार भी उन्हें दिया गया है। कहा कि विधेयक को बनाने में गणितज्ञों का विशेष योगदान है। गणित के सूत्रों का प्रयोग किया गया है। इससे ब्याज एवं अन्य गणनाओं की जटिलताएं समाप्त होंगी। टैक्स ऑडिट पूर्व की भांति चार्टर्ड एकाउंटेंट सीए की ओर से ही किया जा सकेगा।
कर पुनर्निर्धारण के प्रावधानों के तहत आयकर अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। बताया कि नए विधेयक में पिछले वर्ष और निर्धारण वर्ष के स्थान पर कर वर्ष (टैक्स ईयर) को प्रस्तुत किया गया है। सीए शैलेश शर्मा ने कहा कि नए विधेयक में आयकर के प्रावधानों के सरलीकरण पर जोर दिया गया है, जिससे आम आयकरदाता नियमों को आसानी से समझ सके। यहां पर नरपत जैन, अजय अग्रवाल, अनिल साहू, सुनील त्रिवेदी, बीएल द्विवेदी, गोविंद कृष्णा, शैलेंद्र सचान, अतुल मेहरोत्रा, आरके तिवारी, अरुण गुप्ता, संजय अग्रवाल, नितिन सिंह, सरबजीत सिंह, सूर्यांश अग्रवाल, आनंद गुप्ता, शरद सिंघल आदि रहे।
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मुख्य वक्ता सीए नवीन भार्गव ने कहा कि आयकर विभाग को अधिकार दिया गया है कि वह करदाता के व्हाट्सएप, फेसबुक, क्लाउड्स, इंस्टाग्राम समेत सभी वर्चुअल एवं इंटरनेट एकाउंट्स की जांच कर सकेंगे। इसके लिए पासवर्ड पाने का अधिकार भी उन्हें दिया गया है। कहा कि विधेयक को बनाने में गणितज्ञों का विशेष योगदान है। गणित के सूत्रों का प्रयोग किया गया है। इससे ब्याज एवं अन्य गणनाओं की जटिलताएं समाप्त होंगी। टैक्स ऑडिट पूर्व की भांति चार्टर्ड एकाउंटेंट सीए की ओर से ही किया जा सकेगा।
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कर पुनर्निर्धारण के प्रावधानों के तहत आयकर अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। बताया कि नए विधेयक में पिछले वर्ष और निर्धारण वर्ष के स्थान पर कर वर्ष (टैक्स ईयर) को प्रस्तुत किया गया है। सीए शैलेश शर्मा ने कहा कि नए विधेयक में आयकर के प्रावधानों के सरलीकरण पर जोर दिया गया है, जिससे आम आयकरदाता नियमों को आसानी से समझ सके। यहां पर नरपत जैन, अजय अग्रवाल, अनिल साहू, सुनील त्रिवेदी, बीएल द्विवेदी, गोविंद कृष्णा, शैलेंद्र सचान, अतुल मेहरोत्रा, आरके तिवारी, अरुण गुप्ता, संजय अग्रवाल, नितिन सिंह, सरबजीत सिंह, सूर्यांश अग्रवाल, आनंद गुप्ता, शरद सिंघल आदि रहे।
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