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कानपुर : इत्र कारोबारी पीयूष जैन पर सोने की तस्करी का भी आरोप, मुकदमा दर्ज
Thu, 17 Mar 2022 12:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 17 Mar 2022 12:11 AM IST
सार
बुरा फंसा इत्र कारोबारी। कस्टम एक्ट के तहत भी दर्ज हुआ मुकदमा। डीआरआई की अर्जी पर कोर्ट ने मंजूर की 14 दिन की न्यायिक रिमांड।
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पीयूष जैन
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
इत्र कारोबारी पीयूष जैन बुरी तरह से फंस चुका है। विदेशी सोना बरामदगी के मामले में भी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) लखनऊ की टीम ने पीयूष को सोना तस्करी का आरोपी माना है। उस पर कस्टम एक्ट का भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बुधवार को प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर पीयूष को 14 दिन न्यायिक हिरासत में रखने के लिए रिमांड मांगा गया। कोर्ट ने 29 मार्च तक के लिए रिमांड मंजूर कर लिया है।
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डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) अहमदाबाद की टीम द्वारा इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज स्थित घर में दिसंबर माह में छापेमारी की गई थी।
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इस दौरान 196.57 करोड़ की नगदी के साथ ही 23 किलो सोना भी बरामद हुआ था। इन पर विदेशी मुहर लगी होने पर डीआरआई को जानकारी दी गई थी। 27 दिसंबर को यह सोना जांच के लिए डीआरआई के सुपुर्द कर दिया गया था।
कोर्ट की अनुमति लेकर डीआरआई की टीम ने जेल जाकर पीयूष से पूछताछ की थी। लेकिन पीयूष सोने की खरीद संबंधी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका था। उसने नगद रुपयों से सोना खरीदने की बात कही थी।
डीआरआई ने माना कि यह सोना पीयूष तस्करी के जरिये विदेश से भारत लाया है। कस्टम एक्ट के तहत सोने को सीज कर दिया गया और पीयूष को सोना तस्करी का आरोपी माना गया है। विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने बताया कि मामले के विवेचक बद्रीश राय की ओर से कोर्ट में रिमांड अर्जी दी गई थी। पीयूष पर जो आरोप लगे हैं उसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है।