80 करोड़ के पुराने नोट बदलने वाले फर्जी जमानतों पर छूटे, सक्रिय है फर्जी कागजात लगाकर जमानत लेने वालों का गिरोह

सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 30 Oct 2020 01:31 AM IST
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फर्जी कागजात लगाकर जमानत लेने वाला गिरोह शहर में सक्रिय है। 80 करोड़ के पुराने नोट बदलने का ठेके लेने वाले भी ज्यादातर आरोपी फर्जी जमानतों पर जेल से बाहर आ चुके हैं। जमानत लेने वालों ने फर्जी कागजात लगाए हैं।
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एक आरोपी अनिल यादव का नाम सामने आ चुका है। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने कोर्ट को पत्र लिखकर इस संबंध में दस्तावेज मांगे हैं। इसके बाद ही बाकी आरोपियों के नाम सामने आ सकेंगे।
एनआईए, पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने 17 जनवरी 2018 को 80 फीट रोड स्थित गगन होटल, नजीराबाद के नमस्कार होटल और स्वरूपनगर में एक बिल्डर के घर दबिश दी थी। तीनों जगहों से 80 करोड़ के 500 और 1000 के पुराने नोट बरामद हुए थे।
यह कार्रवाई तत्कालीन आईजी आलोक सिंह और तत्कालीन एसएसपी अखिलेश मीणा के नेतृत्व में हुई थी। दबिश में 16 मनीचेंजर (नोट बदलवाने वाले) भी पकड़े गए थे। लखनऊ हसनगंज निवासी अनिल यादव समेत कई आरोपी फर्जी जमानतों पर रिहा हो चुके हैं।

जमानत लेने वालों ने पहचान पत्र या आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा किया है। जमानदारों ने नाम किसी का और फोटो किसी की लगाई। जिन वाहनों के दस्तावेज लगाए, पता चला कि ये वाहन इनके नाम हैं ही नहीं। एक-एक जमानतदार 10-15 आरोपियों की जमानत ले चुका है।
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