फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   People in 134 villages are wandering for certificates and inheritance.

Kanpur News: 134 गांवों में प्रमाण पत्र और वरासत के लिए भटक रहे लोग

Mon, 05 Oct 2026 01:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Mon, 05 Oct 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
People in 134 villages are wandering for certificates and inheritance.
कानपुर देहात। लेखपालों ने अतिरिक्त कार्यक्षेत्र वाले गांवों का काम छोड़ दिया है। बस्ते जमा किए 13 दिन बीत चुके हैं। अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था तय नहीं हो सकी है। इधर, जनपद में कुल 134 गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब 2500 प्रमाण पत्र आवेदन लंबित पड़े हैं। इसके अलावा खसरा, पैमाइश और वरासत के लिए भी लोगों को भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन

प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर लेखपाल आंदोलन कर रहे हैं। वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति सूची जारी नहीं होने, बिना आधारभूत सुविधाओं के ग्राम सचिवालय में तैनाती और भत्ता वृद्धि आदि मांगों को लेकर लेखपालों ने 22 सितंबर को अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के बस्ते भूलेख कार्यालय में जमा कर दिए थे। इसके बाद से सभी छह तहसीलों में ऑनलाइन आए आय, जाति, निवास व ईडब्ल्यूएस आवेदनों के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। अतिरिक्त क्षेत्र के आवेदनों को लेखपाल अपने पोर्टल से वापस तहसीलदार के पोर्टल पर भेज दे रहे हैं। अब तक करीब 2500 से अधिक आवेदन लंबित हैं।
विज्ञापन

इधर, वरासत दर्ज करने और खसरा-खतौनी संबंधी कोई कार्य भी नहीं हो रहा। जरूरतमंद तहसील कार्यालयों में चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अकबरपुर इकाई के अध्यक्ष राकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि आंदोलन जारी रहेगा। अतिरिक्त क्षेत्र के अलावा अब आंदोलन को और तेज करने के लिए सभी क्षेत्रों में काम बंद करने की रूपरेखा बनी है। सरकार को पहले से ही अवगत कराया गया था। इसके लिए सांकेतिक धरना भी दिया जा चुका है। कोई निर्णय नहीं होने पर अब आंदोलन की राह पकड़ी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

.....................
राजस्व निरीक्षकों पर जांचों का बोझ अधिक
कानपुर देहात। जनसुनवाई में आने वाली ऑनलाइन व ऑफलाइन शिकायतों के निस्तारण में अतिरिक्त क्षेत्र का काम लेखपाल नहीं कर रहे हैं। ऐसे में राजस्व निरीक्षकों को यह मामले सौंपे जा रहे हैं। इसके चलते राजस्व निरीक्षकों पर जांचों का बोझ बढ़ गया है। बता दें कि जनसुनवाई और संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकांश शिकायतें राजस्व विभाग संबंधी आती हैं। संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किए जाने के चलते शनिवार को छह तहसीलों में आने वाली राजस्व विभाग की शिकायतों की जांच भी राजस्व निरीक्षकों को सौंपी गई है।
.....................
बयान........
लेखपालों ने फिलहाल अतिरिक्त क्षेत्र का काम बंद किया है। जिले में आय प्रमाण पत्रों के करीब चार सौ से अधिक आवेदन लंबित हैं। बहुत जरूरी वाले निवास व जाति प्रमाण पत्र जारी कराए जा रहे हैं। फिलहाल राजस्व परिषद की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था लागू नहीं की गई है। लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व की शासन स्तर पर वार्ता हो रही है। जल्द ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद है। - अमित कुमार, एडीएम प्रशासन कानपुर देहात

..............
केस एक :
नहीं मिला खसरा, मायूस लौटना पड़ा
बनीपारा जिनई निवासी रामपाल व श्याम सुंदर ने बताया कि खसरा की जरूरत है। इसके लिए तहसील गए लेकिन वहां खसरा नहीं मिला। मायूस लौटना पड़ा।
..............
केस दो :
जमीन की पैमाइश अटकी
रसूलाबाद के बहादुरपुर निवासी अभय कुमार ने बताया कि जमीन के आंशिक हिस्से को एक युवक ने दबा लिया है। पैमाइश की जरूरत है लेकिन लेखपाल ने अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता जमा कर दिया है इसके चलते नापजोख नहीं हो पा रही है।
..............
कहां कितने अतिरिक्त कार्यक्षेत्र वाले गांवों में काम प्रभावित
तहसील ---- गांव
भोगनीपुर - 37
रसूलाबाद - 26
अकबरपुर - 19
सिकंदरा - 19
डेरापुर - 21
मैथा - 12
कुल - 134
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed