{"_id":"6a3ed724c1248ed1a7025adc","slug":"people-from-44-villages-are-waiting-for-buses-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-144857-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: 44 गांव के लोग कर रहे बसों का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: 44 गांव के लोग कर रहे बसों का इंतजार
Sat, 27 Jun 2026 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 27 Jun 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। जिले में 208 किलोमीटर के दायरे के तीन ग्रामीण रूट पर परिवहन निगम को अनुबंध पर तीन बसों को संचालित करना है। इसमें अभी तक सिर्फ 73 किलोमीटर के अकबरपुर-तिश्ती मार्ग पर सिर्फ एक बस चल सकी है। वहीं, 135 किलोमीटर के दो रूट पर पड़ने वाले 44 गांव के लोगों को सीएम ग्रामीण परिवहन सेवा का इंतजार है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत जिले के दूरस्थ इलाकों के लोगों की सुगम यात्रा के लिए बसों को संचालित किया जाना है। इसके लिए निजी बस संचालकों के मार्च में आवेदन भी मांग गए थे। तब तीन संचालकों ने बस चलाने की इच्छा जाहिर करते हुए आवेदन भी किया लेकिन अभी तक सिर्फ एक ने ही बस उपलब्ध कराई है जबकि दो ने रुचि न दिखाते हुए बस नहीं दी।
ऐसे में तिस्ती से माती के बीच करीब 73 किलोमीटर में 20 गांव के लोगों को तो बस से सफर करने का लाभ मिल रहा है लेकिन दो रूट के करीब 135 किलोमीटर के दायरे में 44 गांव के लोग योजना का लाभ नहीं पा सके हैं।
विज्ञापन
दरअसल जिले से कानपुर नगर के बीच पहले सीएनजी बसें संचालित होती थीं। इससे स्थानीय लोगों का कम किराये में आवागमन होता था लेकिन अक्तूबर 2025 में इन बसों की उम्र पूरी होने के बाद इन्हें खड़ा कर दिया गया।
इससे इन बसों से सफर करने वाले कारोबारियों, छात्रों व काम के सिलसिले में कानपुर जाने वाले मजदूरों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार ने कहा परिवहन निगम ने 20 फीसदी कम किराये पर ग्रामीण बस सेवा शुरू जरूरी की लेकिन वह कम चलती है और बंद हो जाती है कुछ पता नहीं चलता। ऐसे में सीएम ग्रामीण परिवहन सेवा के तहत अनुबंधित बस के संचालन शुरू होने की जानकारी होने पर उम्मीद जगी थी। हालांकि अभी तक सिर्फ एक बस ही चली है और दो का संचालन नहीं हो सका है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत जिले के दूरस्थ इलाकों के लोगों की सुगम यात्रा के लिए बसों को संचालित किया जाना है। इसके लिए निजी बस संचालकों के मार्च में आवेदन भी मांग गए थे। तब तीन संचालकों ने बस चलाने की इच्छा जाहिर करते हुए आवेदन भी किया लेकिन अभी तक सिर्फ एक ने ही बस उपलब्ध कराई है जबकि दो ने रुचि न दिखाते हुए बस नहीं दी।
विज्ञापन
ऐसे में तिस्ती से माती के बीच करीब 73 किलोमीटर में 20 गांव के लोगों को तो बस से सफर करने का लाभ मिल रहा है लेकिन दो रूट के करीब 135 किलोमीटर के दायरे में 44 गांव के लोग योजना का लाभ नहीं पा सके हैं।
विज्ञापन
दरअसल जिले से कानपुर नगर के बीच पहले सीएनजी बसें संचालित होती थीं। इससे स्थानीय लोगों का कम किराये में आवागमन होता था लेकिन अक्तूबर 2025 में इन बसों की उम्र पूरी होने के बाद इन्हें खड़ा कर दिया गया।
इससे इन बसों से सफर करने वाले कारोबारियों, छात्रों व काम के सिलसिले में कानपुर जाने वाले मजदूरों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार ने कहा परिवहन निगम ने 20 फीसदी कम किराये पर ग्रामीण बस सेवा शुरू जरूरी की लेकिन वह कम चलती है और बंद हो जाती है कुछ पता नहीं चलता। ऐसे में सीएम ग्रामीण परिवहन सेवा के तहत अनुबंधित बस के संचालन शुरू होने की जानकारी होने पर उम्मीद जगी थी। हालांकि अभी तक सिर्फ एक बस ही चली है और दो का संचालन नहीं हो सका है।