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कानपुर: ईद-उल-अजहा आज, कोरोना गाइडलाइन के तहत होगी नमाज, बंद जगहों पर होगी कुर्बानी
Wed, 21 Jul 2021 09:11 AM IST
प्राची प्रियम
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 21 Jul 2021 09:11 AM IST
सार
कोविड प्रोटोकॉल के तहत सरकार की गाइडलाइन के तहत मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाजें अदा की जाएंगी। ईदगाहों पर ताला बंद कर दिया जाएगा। इस पर उलेमा व ईदगाह कमेटियों ने पहले ही फैसला ले लिया है।
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विस्तार
ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार बुधवार को मनाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के दौरान लगातार दूसरी बार मनाए जा रहे इस त्योहार में इस बार भी ईदगाहों में बकरीद की नमाज नहीं होगी। कोविड प्रोटोकॉल के तहत सरकार की गाइडलाइन के तहत मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाजें अदा की जाएंगी।
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ईदगाहों पर ताला बंद कर दिया जाएगा। इस पर उलेमा व ईदगाह कमेटियों ने पहले ही फैसला ले लिया है। क्योंकि ईदगाहों में नमाज अदा करने की वजह से भीड़ अधिक होती और संक्रमण का खतरा रहता। मस्जिदों में नमाजी अधिक होने पर एक या कई बार नमाजें होंगी। इसके अलावा जानवरों की कुर्बानी बंद जगहों पर दी जाएगी।
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त्योहार के मद्देनजर रात तक हुई खरीददारी
ईद-उल-अजहा के एक दिन पहले शाम से लेकर रात तक बाजार गुलजार रहे। नए कपड़ों से लेकर जूते चप्पल आदि सामान खरीदने के लिए महिलाओं और बच्चों की भीड़ दिखी। हलीम कॉलेज मैदान में लगे बकरा बाजार में बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरे भी खरीदे गए। एक दिन पहले ग्रामीण क्षेत्रों से आए पशुपालकों ने दाम कुछ कम कर दिए।
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ईद-उल-अजहा की नमाज के लिए मुहल्लों की सभी मस्जिदों में तैयारियां पूरी कर ली गईं। बाजारों में बेकनगंज, पीरोड, शिवाला, नवीन मार्केट, गुमटी की बाजारों और शॉपिंग मॉल्स में खरीददारी हुई। ज्यादातर रेडीमेड गारमेंट्स, जूते, चप्पल, इत्र, टोपी, रुमाल, चूड़ियां और श्रंगार के सामानों की खरीददारी रात तक होती रही।