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यिप्पी नूडल्स ने पैकिंग पर नहीं दी पूरी जानकारी, ढाई लाख का हुआ जुर्माना
Tue, 18 Jun 2019 12:22 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:22 AM IST
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पैकिंग पर पूरी जानकारी न लिखने पर यिप्पी नूडल्स बनाने वाली फर्म आईटीसी लिमिटेड फूड पर ढाई लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। यिप्पी बेचने वाली फर्म के मालिक और मैनेजर पर भी 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश चंद्र ने नौ मार्च 2017 को मेसर्स बीआर संस लक्ष्मीपुरवा ग्राउंड फ्लोर का निरीक्षण किया था। उन्होंने बिक्री के लिए रखे गए सन फीस्ट यिप्पी नूडल्स मैजिक मसाला की गुणवत्ता पर संदेह होने पर आठ पैकेट के नमूने भरे थे।
20 अप्रैल 2017 को मेरठ प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट के आधार पर एडीएम सिटी की कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। मुकदमे में नमूना अधोमानक (सब स्टैंडर्ड) और मिथ्या छाप (मिस ब्रांडिंग) में दाखिल किया गया।
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मुकदमे में बीआर सन्न लक्ष्मीपुरवा ग्राउंड फ्लोर की प्रोपराइटर अंजू गुप्ता निवासी नसीमाबाद गुमटी नंबर पांच, मैनेजर फाल्गुनी बोस निवासी फ्रैंड्स कालोनी हरजेंदर नगर और उत्पादनकर्ता आईटीसी लिमिटेड फूड डिवीजन प्लाट नंबर एक सेक्टर 11 आईआईई भेल हरिद्वार उत्तराखंड को आरोपी बनाया गया था।
एडीएम सिटी विवेक श्रीवास्तव की कोर्ट ने पैकेट पर फ्लेवर का नाम न लिखा होने पर जुर्माना लगाया। नियमानुसार पैकेट पर उत्पाद के बारे में सभी जानकारी लिखी होनी चाहिए। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि आदेश की तिथि 10 जून से तीस दिन के अंदर जुर्माना जमा किया जाए। नियत समय में जुर्माना न भरने पर जुर्माने की राशि बकाया भू राजस्व (आरसी) की तरह वसूली जाए।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश चंद्र ने नौ मार्च 2017 को मेसर्स बीआर संस लक्ष्मीपुरवा ग्राउंड फ्लोर का निरीक्षण किया था। उन्होंने बिक्री के लिए रखे गए सन फीस्ट यिप्पी नूडल्स मैजिक मसाला की गुणवत्ता पर संदेह होने पर आठ पैकेट के नमूने भरे थे।
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20 अप्रैल 2017 को मेरठ प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट के आधार पर एडीएम सिटी की कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। मुकदमे में नमूना अधोमानक (सब स्टैंडर्ड) और मिथ्या छाप (मिस ब्रांडिंग) में दाखिल किया गया।
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मुकदमे में बीआर सन्न लक्ष्मीपुरवा ग्राउंड फ्लोर की प्रोपराइटर अंजू गुप्ता निवासी नसीमाबाद गुमटी नंबर पांच, मैनेजर फाल्गुनी बोस निवासी फ्रैंड्स कालोनी हरजेंदर नगर और उत्पादनकर्ता आईटीसी लिमिटेड फूड डिवीजन प्लाट नंबर एक सेक्टर 11 आईआईई भेल हरिद्वार उत्तराखंड को आरोपी बनाया गया था।
एडीएम सिटी विवेक श्रीवास्तव की कोर्ट ने पैकेट पर फ्लेवर का नाम न लिखा होने पर जुर्माना लगाया। नियमानुसार पैकेट पर उत्पाद के बारे में सभी जानकारी लिखी होनी चाहिए। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि आदेश की तिथि 10 जून से तीस दिन के अंदर जुर्माना जमा किया जाए। नियत समय में जुर्माना न भरने पर जुर्माने की राशि बकाया भू राजस्व (आरसी) की तरह वसूली जाए।