{"_id":"682cdccc5dce4f97b6010f1d","slug":"peanut-production-will-increase-in-the-state-with-the-seeds-from-gujarat-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1119235-2025-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: गुजरात के बीजों से प्रदेश में बढ़ेगी मूंगफली की पैदावार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: गुजरात के बीजों से प्रदेश में बढ़ेगी मूंगफली की पैदावार
विज्ञापन
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के किसान अब गुजरात के बीजों से मूंगफली की पैदावार बढ़ाएंगे। इसके लिए वहां के जूनागढ़ कृषि विवि से बीज मंगाए गए हैं। इसका वितरण सीएसए के 15 कृषि विज्ञान केंद्रों में किया जाएगा। पहले चरण में तीन जिलों का चयन किया गया है। इससे न केवल प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ेगी बल्कि तेल उत्पादन भी 50 फीसदी तक बढ़ेगा।
राज्य कृषि विकास परियोजना (एसएडीपी) के तहत सीएसए क्षेत्राधिकार के आठ जिलों कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, इटावा, फिरोजाबाद, हाथरस, कासगंज और हरदोई में ग्रीष्मकालीन मूंगफली बीज उत्पादन, प्रदर्शन और विस्तार गतिविधियों को संचालित करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में इटावा, कन्नौज और मैनपुरी के किसानों को मूंगफली के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए गुजरात से बीज मंगाए गए हैं। उच्च गुणवत्ता के बीज की मदद से प्रति हेक्टेयर 4165 किलोग्राम मूंगफली का उत्पादन किया जा सकेगा। इस प्रजाति में तेल का उत्पादन भी 50 प्रतिशत से ज्यादा है। गुजरात से मंगाए इन बीजों से किसान अपने खेत में भी नए बीज तैयार कर सकेंगे, इन्हें कम से कम चार साल तक प्रयोग किया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार प्रो. राजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सीएसए मूंगफली की प्रजाति सुधारने के लिए प्रयासरत है। इस पहल से प्रदेश में मूंगफली के मौजूदा बीजों की गुणवत्ता में सुधार होगा और अगले सालों में किसान अपने स्तर पर बीज तैयार कर दूसरों को भी दे सकेंगे। कम से कम 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उन्नत प्रजाति की मूंगफली की खेती कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि गुजरात से मंगाए गए बीजों से होने वाली मूंगफली का वजन 63 ग्राम तक होता है और तेल भी आधे से ज्यादा मिलता है। प्रोटीन की अच्छी मात्रा के साथ इसमें रोग कम लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य कृषि विकास परियोजना (एसएडीपी) के तहत सीएसए क्षेत्राधिकार के आठ जिलों कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, इटावा, फिरोजाबाद, हाथरस, कासगंज और हरदोई में ग्रीष्मकालीन मूंगफली बीज उत्पादन, प्रदर्शन और विस्तार गतिविधियों को संचालित करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में इटावा, कन्नौज और मैनपुरी के किसानों को मूंगफली के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए गुजरात से बीज मंगाए गए हैं। उच्च गुणवत्ता के बीज की मदद से प्रति हेक्टेयर 4165 किलोग्राम मूंगफली का उत्पादन किया जा सकेगा। इस प्रजाति में तेल का उत्पादन भी 50 प्रतिशत से ज्यादा है। गुजरात से मंगाए इन बीजों से किसान अपने खेत में भी नए बीज तैयार कर सकेंगे, इन्हें कम से कम चार साल तक प्रयोग किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार प्रो. राजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सीएसए मूंगफली की प्रजाति सुधारने के लिए प्रयासरत है। इस पहल से प्रदेश में मूंगफली के मौजूदा बीजों की गुणवत्ता में सुधार होगा और अगले सालों में किसान अपने स्तर पर बीज तैयार कर दूसरों को भी दे सकेंगे। कम से कम 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उन्नत प्रजाति की मूंगफली की खेती कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि गुजरात से मंगाए गए बीजों से होने वाली मूंगफली का वजन 63 ग्राम तक होता है और तेल भी आधे से ज्यादा मिलता है। प्रोटीन की अच्छी मात्रा के साथ इसमें रोग कम लगता है।
विज्ञापन