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हैलट में ऑक्सीजन सिलिंडर न मिलने से रोगी की तड़पकर मौत, सीएम पोर्टल और प्राचार्य से लापरवाही की शिकायत
Mon, 25 May 2020 09:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 25 May 2020 09:24 PM IST
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कानपुर का हैलट अस्पताल
- फोटो : amar ujala
कानपुर के हैलट में सोमवार तड़के चकेरी के पटेल नगर निवासी अमर सिंह (45) की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन सिलिंडर न मिलने की वजह से रोगी तड़पता रहा। वार्ड से लेकर इमरजेंसी तक कोई सीनियर डॉक्टर नहीं मिला और जूनियर डॉक्टरों ने बात नहीं सुनी।
परिजनों ने सीएम पोर्टल और प्राचार्य से डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत की है। रोगी अमर सिंह को रविवार रात 11 बजे हैलट की इमरजेंसी में डॉ. गौरव गुप्ता की यूनिट में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर उसकी कोरोना जांच कराई गई जो निगेटिव आई।
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परिजनों ने सीएम पोर्टल और प्राचार्य से डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत की है। रोगी अमर सिंह को रविवार रात 11 बजे हैलट की इमरजेंसी में डॉ. गौरव गुप्ता की यूनिट में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर उसकी कोरोना जांच कराई गई जो निगेटिव आई।
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कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद रोगी को वार्ड नंबर 11 के बेड नंबर 14 पर शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी से आधा भरा ऑक्सीजन सिलिंडर भेज दिया गया। रोगी के भाई करन सिंह ने बताया कि रात 1 बजे सिलिंडर खत्म हो गया। रोगी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो दूसरे वार्ड से ढाई बजे ऑक्सीजन सिलिंडर ले आए।
यह सिलिंडर रात तीन बजे खत्म हो गया। इसके बाद वार्ड से इमरजेंसी तक सिलिंडर के लिए भागते रहे। जूनियर डॉक्टरों से कहा तो बात अनसुनी कर दी। बाद में एक रेजीडेंट ने चेक किया तो रोगी के मौत की बात बताई।
इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी नहीं है। मामला पता करूंगी। वहीं, प्राचार्य डॉ. आरती लालंचदानी ने डॉक्टर से मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है। उनका कहना है कि प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
यह सिलिंडर रात तीन बजे खत्म हो गया। इसके बाद वार्ड से इमरजेंसी तक सिलिंडर के लिए भागते रहे। जूनियर डॉक्टरों से कहा तो बात अनसुनी कर दी। बाद में एक रेजीडेंट ने चेक किया तो रोगी के मौत की बात बताई।
इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी नहीं है। मामला पता करूंगी। वहीं, प्राचार्य डॉ. आरती लालंचदानी ने डॉक्टर से मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है। उनका कहना है कि प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।