पताली गंगा प्रकट हुईं: सूखी जमीन से फूट पड़ी जलधारा, चमत्कार समझ लोग कर रहे पूजा
ललपुरा थाना क्षेत्र में अचानक सूखी धरती से जलधारा निकल पड़ी। जिले में मानसून की बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस पाताली गंगा मानकर पूजा पाठ शुरू कर दी है।
विस्तार
बुंदेलखंड की प्यासी धरती से अचानक जल धारा फूट पड़ी है, जिसको देख कर ग्रामीण हैरान हैं। वहीं, लोग इसे पाताली गंगा मान कर पूजा अर्चना करने लगे हैं। बता दें कि अभी तक इस इलाके में मानसून की बारिश नहीं हुई है। ऐसे में धरती से पानी निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
संत ध्यानीदास बाबा ले चुके हैं समाधी
बता दें कि ललपुरा थाना क्षेत्र के पौथिया गांव के बाहर बेतवा नदी का किनारा है। यहां बेतवा नदी से 25 से 30 फिट की ऊंचाई पर एक मिटटी के टीले से जल धरा बह निकली है। जलधारा से निकला पानी साफ है। स्थानीय निवासी रामकृपाल सिंह और सुयंबर ने बताया कि संत ध्यानीदास बाबा, जो अब समाधी ले चुके हैं। उन्होंने यहां बरसों तपस्या की थी। तब से ही यहां से पानी बह रहा है।
पताली गंगा हुईं प्रकट, पूजा अर्चना कर रहे लोग
वहीँ मौके पर मौजूद शिव बहादुर और हिमांशू सिंह ने बताया कि यह पाताली गंगा हैं, जिसका पानी पीने या इससे नहाने से बहुत सी बीमारियां दूर हो जाती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जल धरा कई सालों से बह रही है। इसे स्थानीय लोग आस्था से जोड़ कर देख रहे हैं और इसे एक महात्मा द्वारा तपस्या किए जाने से पानी निकलना बता रहे हैं।