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Kanpur News: साथी के मोबाइल ने दिया सुराग, ठगों का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Sat, 29 Mar 2025 01:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Mar 2025 01:31 AM IST
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Partner's mobile gave clue, mastermind of the fraudsters arrested
ठगों का मास्टर माइंड - फोटो : पुलिस
कानपुर। काकादेव के विजयनगर निवासी बीटेक छात्र तनय सागर की मौत के मामले में पुलिस ने ठगों के मास्टर माइंड को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। उसके दो साथी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। उन्हीं के मोबाइल की जांच के बाद सरगना की लोकेशन मिली और पुलिस ने धर दबोचा।
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आरोपी नोएडा में कॉल सेंटर संचालित कर बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था। पुलिस ने मास्टरमाइंड के पास से 20 सिम कार्ड, 11 मोबाइल समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरोह छह माह में 150 से अधिक लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है।
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विजयनगर निवासी संतोष कुमार के बेटे तनय सागर ने 6 मार्च को फंदे से लटक कर जान दे दी थी। छात्र के फोन से मिली चैट के मुताबिक नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने उससे 47 हजार रुपये ठग लिए थे। ठग तनय पर और रुपये देने का दबाव बना रहे थे, जिससे परेशान होकर छात्र ने जान दे दी थी। इस पूरे प्रकरण में एक युवती का नाम सामने आ रहा था। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने छात्र को जिस नंबर से मैसेज किए थे, वह भरथना निवासी आकाश बाबू का था। आकाश व उसके साथी सचिन को पकड़ कर पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वह दोनों ठगों को सिम उपलब्ध कराते थे। साइबर टीम ने जब सचिन के मोबाइल का डाटा खंगाला तो पुलिस के हाथ नोएडा में बैठे गैंग के मास्टर माइंड का पता लगा। पुलिस ने नोएडा स्थित कॉल सेंटर में छापा मारकर मूलरूप से फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ नंगला निवासी अरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
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एडिशनल डीसीपी सेंट्रल राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़ा गया मास्टर माइंड छह महीने से नोएडा में कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। ठग क्विकर एप पर नौकरी के लिए आवेदन करने वालों को टारगेट करते थे। लोगों को जाल में फंसाने के लिए सरगना युवतियों से कॉल करवाता था। शातिर हर 15 दिन में युवतियों को बदल देता था। पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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क्विकर एप पर अप्लाई करने वालों को बनाते थे निशाना
एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह क्विकर एप पर नौकरी के लिए अप्लाई करने वालों को निशाना बनाता था। वह कुछ रकम मुहैया कराकर एप से डाटा निकलवाते थे, जिसके बाद कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों से कॉल कर ठगी करते थे।
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लड़कियों को स्पीच देकर कराता था काम

अरुण थोड़े थोड़े दिनों में कॉल सेंटर का स्थान बदलता रहता था। मास्टर माइंड कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को हर 15 दिन में बदल देता था। उन्हें बेरोजगारों को जाल में फांसने व धमकी देने के लिए स्पीच खुद लिखकर देता था। लड़कियां डाटा इंट्री करने की जॉब वर्क फ्राम होम करने का झांसा देती थीं और कॉल कर लोगों को अपनी मीठी-मीठी बातों में फांस लेती थीं। कॉल करने के दौरान कॉल रिसीवर का कैलिबर देखकर कॉल करते थे और ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।

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कोट
तनय सागर की मौत के मामले में साइबर ठगों की प्रताड़ना की बात सामने आई थी। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
दिनेश त्रिपाठी, डीसीपी सेंट्रल
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