फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Parents want to get 11 year old Yash admitted in 9th class, IQ level is perfect

खास है ये बच्चा: 11 साल के यश का 9वीं क्लास में एडमिशन करवाना चाहते हैं परिजन, परफेक्ट है आईक्यू स्तर

Mon, 08 Aug 2022 12:03 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 08 Aug 2022 12:03 PM IST
सार

कानपुर के यशवर्धन सिंह सामान्य बच्चों से अलग हैं। यशवर्धन के पिता डॉ. अंशुमन सिंह बेटे की अच्छी आईक्यू के कारण उसे सीधे कक्षा नौ में दाखिला दिलाना चाहते हैं। पहले स्थानीय स्तर पर प्रयास किया, लेकिन नियमों के कारण ऐसा नहीं हो सका। फिर उन्होंने शिक्षा निदेशक को आवेदन दिया है।
 

विज्ञापन
Parents want to get 11 year old Yash admitted in 9th class, IQ level is perfect
यशवर्धन सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

11 साल के यशवर्धन सिंह एनडीए, सिविल सेवा और एसएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को कोचिंग देते हैं। इनकी इस प्रतिभा को देखकर हर कोई असमंजस में पड़ जाता है कि इतनी कम उम्र के बच्चे को इतनी बेहतर जानकारी कैसे है।

विज्ञापन


यश के पिता डॉ. अंशुमन सिंह बेटे की अच्छी आईक्यू के कारण उसे सीधे कक्षा नौ में दाखिला दिलाना चाहते हैं। पहले स्थानीय स्तर पर प्रयास किया, लेकिन नियमों के कारण ऐसा नहीं हो सका। फिर उन्होंने शिक्षा निदेशक को आवेदन दिया है।
विज्ञापन


शिवकटरा, लाल बंगला के रहने वाले यशवर्धन सिंह कृष्णानगर स्थित रघुकुल स्कूल में कक्षा छह में पढ़ते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को कोचिंग और ऑनलाइन माध्यम से वह भारतीय प्राचीन इतिहास, राज व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंध और भूगोल पढ़ाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

1857 की क्रांति से लेकर विदेशों में हुईं घटनाएं इनकी जुबान पर रटी हैं। उन्होंने बताया कि वह रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करते हैं। स्कूल के होमवर्क को समय निकाल वहीं खत्म करके आना और घर में अतिरिक्त विषयों की पढ़ाई करना इनकी दिनचर्या में शामिल है। 

उन्होंने बताया कि 2018 में एक लेख में पढ़ा था कि भारत को विश्व गुरु बनने के लिए आईएफएस (भारतीय विदेश सेवा) अधिकारियों की जरूरत हैं। उसी दिन यह सोच लिया था कि कुछ ऐसा करना है कि जिससे अधिकारियों की कमी दूर कर सकूं।

वह भविष्य में आईएफएस अधिकारी बनकर यूनाइटेड नेशन में भारत का नेतृत्व करना चाहते हैं। वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और किताबों से खुद तैयारी करते हैं, फिर पढ़ाते हैं। पुलिस विभाग में एएसपी राजेश पांडेय और सुप्रीम कोर्ट के वकील डॉ. सिद्धार्थ अरोड़ा पढ़ाई में इनका मार्गदर्शन करते हैं। बड़ी बहन आनवी सिंह कक्षा आठ की छात्रा हैं, वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं। पिता डॉ. अंशुमन सिंह फिजियोथेरेपिस्ट और मां कंचन पाल सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed