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Kanpur News: जीएसएमवीएम में पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट खुलेगा, 24 कोर्स में मिलेंगी डिग्री
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कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट खुलेगा। इसमें पैरा मेडिकल के 24 कोर्स संचालित किए जाएंगे। दो और चार वर्ष के डिग्री कोर्स चलेंगे। इससे कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को अच्छा प्लेसमेंट मिलेगा। कॉलेज प्रबंधन ने शासन को पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव भेज दिया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि जल्दी ही इस प्रस्ताव पर काम शुरू हो जाएगा।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में अभी पैरा मेडिकल कोर्स कराए जा रहे हैं। इनमें छह महीने के भी डिप्लोमा कोर्स हैं। छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अब इन कोर्स को पढ़ाने के लिए अलग से पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट ही बन जाएगा। इससे छात्रों को विभागों के बजाय इंस्टीट्यूट में अध्ययन का मौका मिलेगा। उनका अपना अलग कॉलेज होगा। इसमें डिग्री स्तर के भी कोर्स कराए जाएंगे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि छह महीने के डिप्लोमा कोर्स खत्म कर दिए जाएंगे। छह महीने का समय कोई विधा सीखने के लिए बहुत कम होता है। इसके साथ ही छह महीने के डिप्लोमा वाले छात्रों को जल्दी नौकरी भी नहीं मिल पाती है। इंस्टीट्यूट में ऐसे कोर्स पढ़ाए जाएंगे जिससे छात्रों का प्लेसमेंट अच्छी जगह हो। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अभी सबसे अधिक पैरा मेडिकल कोर्स जीएसवीएम में पढ़ाए जाते हैं। इंस्टीट्यूट बन जाने पर व्यवस्था और भी हाई टेक की जाएगी। कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार के शोध कार्य से भी जोड़ा जाएगा।
डॉ. काला ने बताया कि शासन को इंस्टीट्यूट के मद में 49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसको जल्दी ही स्वीकृति मिलनी के उम्मीद है। इसके बाद कार्य शुरू किया जाएगा। इंस्टीट्यूट के भवन का निर्माण कराने के लिए मेडिकल कॉलेज कैंपस में बिजली घर के पास भूमि चिह्नित कर ली गई है। इसके लिए अलग से स्टाफ की भी व्यवस्था की जाएगी।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में अभी पैरा मेडिकल कोर्स कराए जा रहे हैं। इनमें छह महीने के भी डिप्लोमा कोर्स हैं। छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अब इन कोर्स को पढ़ाने के लिए अलग से पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट ही बन जाएगा। इससे छात्रों को विभागों के बजाय इंस्टीट्यूट में अध्ययन का मौका मिलेगा। उनका अपना अलग कॉलेज होगा। इसमें डिग्री स्तर के भी कोर्स कराए जाएंगे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि छह महीने के डिप्लोमा कोर्स खत्म कर दिए जाएंगे। छह महीने का समय कोई विधा सीखने के लिए बहुत कम होता है। इसके साथ ही छह महीने के डिप्लोमा वाले छात्रों को जल्दी नौकरी भी नहीं मिल पाती है। इंस्टीट्यूट में ऐसे कोर्स पढ़ाए जाएंगे जिससे छात्रों का प्लेसमेंट अच्छी जगह हो। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अभी सबसे अधिक पैरा मेडिकल कोर्स जीएसवीएम में पढ़ाए जाते हैं। इंस्टीट्यूट बन जाने पर व्यवस्था और भी हाई टेक की जाएगी। कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार के शोध कार्य से भी जोड़ा जाएगा।
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डॉ. काला ने बताया कि शासन को इंस्टीट्यूट के मद में 49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसको जल्दी ही स्वीकृति मिलनी के उम्मीद है। इसके बाद कार्य शुरू किया जाएगा। इंस्टीट्यूट के भवन का निर्माण कराने के लिए मेडिकल कॉलेज कैंपस में बिजली घर के पास भूमि चिह्नित कर ली गई है। इसके लिए अलग से स्टाफ की भी व्यवस्था की जाएगी।
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