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Kanpur: कुशालखेड़ा में तेंदुए जैसा जानवर दिखने से दहशत, वन विभाग की टीम ने की कांबिग, नहीं मिले है पद चिह्न

Wed, 31 Jan 2024 01:23 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 31 Jan 2024 01:23 PM IST
सार

Kanpur News: कोतवाली गंगाघाट के कुशालखेड़ा गांव में तेंदुए जैसा जानवर दिखने से दहशत का माहौल है। ग्रामीण लाठी और डंडे लेकर अपने काम-काज निपटा रहे हैं।

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Panic due to sighting of leopard like animal in Kushalkheda, forest department team combed, no footprints foun
खोज करती वन विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के शुक्लागंज में कोतवाली गंगाघाट के जाजमऊ पुलिस चौकी क्षेत्र के कुशालखेड़ा गांव में बीते दो दिनों से तेंदुए जैसे दिखने वाले जंगली जानवर को लेकर दहशत फैली है। सोमवार रात जंगल में जानवर का विचरण करते एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

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मंगलवार को वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में कांबिग की। वन अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए के कोई पद चिह्न नहीं मिले है। वहीं, ग्रामीण लाठी-डंडे साथ में लेकर अपने काम-काज निपटा रहे हैं। बीते रविवार को शौच के लिए पास के जंगल में गांव की रहने वाली किशोरी शिवांगी गई थी।

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उसने बताया कि उसने जंगल में एक बड़ा जंगली जानवर देखा, जो तेंदुए जैसा दिख रहा था, जिससे गांव में दहशत फैल गई। वहीं, उसी रात गांव के एक युवक ने भी किसी जानवर द्वारा दौड़ाए जाने की बात कही। अगले दिन सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया।

तेंदुआ होने की नहीं हो पुष्टि
इसमें तेंदुआ होने की बात कही गई, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। मंगलवार को वन विभाग के क्षेत्रीए वन अधिकारी प्रेमशंकर तिवारी, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेंद्र सिंह और बीट प्रभारी अनुज कुमार मौके पर पहंचे, जिन्होंने जांच पड़ताल की लेकिन कुछ नहीं मिला।

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लोमड़ी या लकड़बग्घा हो सकता है
क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि तेंदुआ जैसा कोई जानवर यहां नहीं है। कुछ पद चिह्न मिले है, लेकिन वह काफी छोटे है जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि लोमड़ी या लकड़बग्घा हो सकता है। कांबिग की जा रही है। पड़ोस के फत्तेपुर गांव के रहने वाले रमेश ने बताया कि लोगों ने अपने छोटे बच्चों को बाहर निकालना बंद कर दिया है।

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