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Kanpur News: पांडु नदी का जलस्तर स्थिर, गांवों में जलभराव से आफत
Sun, 06 Sep 2026 01:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:24 AM IST
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कानपुर देहात/रसूलाबाद। बीते दिनों हुई लगातार बारिश से रसूलाबाद क्षेत्र में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ा है। दो दिन से जलस्तर स्थिर बना हुआ है लेकिन गांवों में जलभराव से लोग परेशान हैं। वहीं, खेतों में जलभराव से फसलें बर्बाद हो रही हैं। शनिवार को एसडीएम व तहसीलदार ने पलिया-बासखेड़ा का निरीक्षण किया। बाढ़ चौकी देखी और ग्रामीणों को जानकारी दी।
रसूलाबाद तहसील क्षेत्र और कानपुर नगर की सीमा से होकर निकली पांडु नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खिरिया, घाघू, मितई निवादा, गुदैला, अन्ता, अनी निवादा, बासखेड़ा, कसिगवा गांव तक पानी पहुंच गया है। वही, कुर्सीखेड़ा, सुख्खापुरवा, भग्गा निवादा, भोलापुरवा, तोरना, मझगवां, खरगपुर और गंगादीन निवादा आदि गांवों में धान, मक्का और बाजरा की फसलें जलमग्न हैं। नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है।
शनिवार शाम करीब चार बजे एसडीएम अभिषेक कुमार, तहसीलदार पंकज उपाध्याय और राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार पलिया बासखेड़ा गांव पहुंचे। यहां पांडु नदी का जलस्तर देखा और गांवों के अंदर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों से जलभराव को लेकर वार्ता की और बनाई गई बाढ़ चौकी की जानकारी दी। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि नदी का जलस्तर स्थिर बना है। हालांकि जलभराव से मक्का, धान व बाजरा की फसलें बर्बाद हो रही हैं। आबादी में जलभराव से गंदगी है।
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बाद में एसडीएम ने पलिया-बासखेड़ा के संविलियन विद्यालय में बनाई गई बाढ़ चौकी भी देखी। कहा नदी का जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति में जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को यहां ठहराया जाएगा। अधिकारियों ने जलभराव से जलमग्न मुख्य मार्ग व फसलों की स्थिति का भी जायजा लिया। एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि तहसीलदार पंकज उपाध्याय को प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराकर फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा पांडु नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। फसल नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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रसूलाबाद तहसील क्षेत्र और कानपुर नगर की सीमा से होकर निकली पांडु नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खिरिया, घाघू, मितई निवादा, गुदैला, अन्ता, अनी निवादा, बासखेड़ा, कसिगवा गांव तक पानी पहुंच गया है। वही, कुर्सीखेड़ा, सुख्खापुरवा, भग्गा निवादा, भोलापुरवा, तोरना, मझगवां, खरगपुर और गंगादीन निवादा आदि गांवों में धान, मक्का और बाजरा की फसलें जलमग्न हैं। नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है।
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शनिवार शाम करीब चार बजे एसडीएम अभिषेक कुमार, तहसीलदार पंकज उपाध्याय और राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार पलिया बासखेड़ा गांव पहुंचे। यहां पांडु नदी का जलस्तर देखा और गांवों के अंदर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों से जलभराव को लेकर वार्ता की और बनाई गई बाढ़ चौकी की जानकारी दी। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि नदी का जलस्तर स्थिर बना है। हालांकि जलभराव से मक्का, धान व बाजरा की फसलें बर्बाद हो रही हैं। आबादी में जलभराव से गंदगी है।
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बाद में एसडीएम ने पलिया-बासखेड़ा के संविलियन विद्यालय में बनाई गई बाढ़ चौकी भी देखी। कहा नदी का जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति में जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को यहां ठहराया जाएगा। अधिकारियों ने जलभराव से जलमग्न मुख्य मार्ग व फसलों की स्थिति का भी जायजा लिया। एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि तहसीलदार पंकज उपाध्याय को प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराकर फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा पांडु नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। फसल नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।