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रिश्वत लेते पकड़े जाने का मामला: विजिलेंस इंस्पेक्टर समेत दस लोगों पर परिवाद दर्ज करने के आदेश

Mon, 25 Oct 2021 11:19 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 25 Oct 2021 11:19 PM IST
सार

विजिलेंस टीम ने 17 अगस्त 2021 को जिला उद्यान अधिकारी को कार्यालय से रिश्वत लेते पकड़ा गया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद कर्मचारी संगठनों ने विजिलेंस टीम पर जबरन कार्रवाई का आरोप लगाया था।

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Order to file complaint against ten people including Vigilance Inspector
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

दो माह पहले जिला उद्यान अधिकारी के 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस टीम झांसी के इंस्पेक्टर समेत दस लोगों के खिलाफ परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने परिवादी और साक्षी की बयान दर्ज करने के लिए 17 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।
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न्यायालय की इस कार्रवाई से मामले में शामिल लोगों में हड़कंप मचा है। गौरतलब है कि शहर के रामनगर में राजपूत इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित फर्म के संचालक दीपू सिंह ने उद्यान अधिकारी श्याम सिंह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
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जिसकी जानकारी विजिलेंस टीम झांसी को दी गई थी। विजिलेंस टीम ने 17 अगस्त 2021 को जिला उद्यान अधिकारी को कार्यालय से रिश्वत लेते पकड़ा गया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद कर्मचारी संगठनों ने विजिलेंस टीम पर जबरन कार्रवाई का आरोप लगाया था।
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कोतवाली पुलिस व एसपी को घटना से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद राजकीय बहुउद्देशीय इकाई के प्रभारी सुलेमान खान ने न्यायालय में वाद दायर कर कार्रवाई की मांग उठाई थी।

प्रभारी ने सीसीटीवी के फुटेज प्रमाण के रूप में पेश किए थे। कहा था कि फर्म के संचालक दीपू सिंह ने यूटा के पदाधिकारी व शिक्षक विक्रांत पटैरिया के कहने पर विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई। विजिलेंस टीम ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए राजपत्रित अधिकारी को घसीटकर कार में डाला और फर्जी आरोप लगाकर छवि खराब करने का काम किया गया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका चौधरी ने मामले में परिवाद दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने फर्म के संचालक दीपू सिंह, सहायक अध्यापक व यूटा के पदाधिकारी विक्रांत पटैरिया, विजिलेस टीम झांसी के इंस्पेक्टर शंभू तिवारी, छह आरक्षी सीताराम शुक्ला, विश्वनाथ, रामकुमार, अजीत कुमार, किरापाल, अवधेश कुमार व चालक शिवमूर्ति के खिलाफ परिवाद दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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