{"_id":"623b677bafef2007f06e38ce","slug":"order-to-arrest-kakadev-inspector","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर : काकादेव इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करने का आदेश, हत्या के मामले में अदालत ने किया तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर : काकादेव इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करने का आदेश, हत्या के मामले में अदालत ने किया तलब
Thu, 24 Mar 2022 12:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 24 Mar 2022 12:01 AM IST
सार
पिसावा में हुई हत्या के मामले में विवेचक रहे इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी। काकादेव थाना प्रभारी हैं रामकुमार गुप्ता, पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गिरफ्तारी को बनेगी टीम।
विज्ञापन
court demo
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ के पिसावा में हुई हत्या के एक मामले में विवेचक रहे इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता (वर्तमान में काकादेव थाना प्रभारी) अदालत के बार-बार बुलावे पर भी गवाही देने के लिए पेश नहीं हो रहे हैं। इस पर एडीजे-9 सुनील सिंह की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कानपुर के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कराकर कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अब 4 अप्रैल तारीख नियत की गई है।
विज्ञापन
अदालत में चल रहे हत्या के इस मुकदमे में आरोपी सत्यपाल घटना के बाद से ही जेल में निरुद्ध है। लगभग सभी गवाह पूरे हो चुके हैं, मगर पिछले लंबे समय से तलबी के बाद भी विवेचक रहे इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। इन दिनों रामकुमार गुप्ता कानपुर के काकादेव थाने में तैनात हैं।
विज्ञापन
एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार न्यायालय ने अब इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए कमिशभनर को पत्र लिखा है, जिसमें टीम बनाकर इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कराकर अदालत में हाजिर करने के निर्देश दिए हैं। इस पत्र की प्रति हाईकोर्ट, डीजीपी व एसएसपी अलीगढ़ को भी लिखी गई है। इस मामले में 4 अप्रैल नियत की गई है। बताया गया है कि कई बार समन, वारंट जारी होने और वे इंस्पेक्टर को मिलने के बाद भी हाजिर नहीं हुए।
विज्ञापन