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Kanpur News: ओटीएस में दो माह में सिर्फ 18 आवेदन, जांच में दो करोड़ की स्टांप चोरी पकड़ी
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कानपुर। शासन की ओर से लागू की गई एक मुश्त समाधान योजना के तहत दो माह में सिर्फ 18 आवेदन आने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने फाइलों की जांच करा दी। इसमें करीब 14 फाइलों में 2.13 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी पकड़ में आई, जबकि 500 फाइलें स्टांप कमी वाली लंबित पड़ी हैं। जिलाधिकारी ने 31 मार्च तक लोगों को नोटिस भेजकर समाधान के तहत मामला निस्तारित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सभी से वसूली की जाएगी।
घर, दुकान, जमीन व फ्लैट की खरीद के समय रजिस्ट्री में निर्धारित स्टांप की अदायगी करनी होती है। जांच में चोरी पकड़ी जाने पर सुनवाई जिलाधिकारी, एआईजी स्टांप व एडीएम वित्त-राजस्व के न्यायालय में होती है। कमी के हिसाब से जुर्माना लगता है। पक्षकार सहमत नहीं होने पर आगे अपील करते हैं। इन्हीं मुकदमों के निस्तारण के लिए ओटीएस योजना लाई गई। दिसंबर में शासन ने एक मुश्त समाधान योजना लागू की थी, जिसके बाद जिले में लंबे समय से जिलाधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व और एआईजी स्टांप के न्यायालय में लंबित पड़े 500 मामलों के पक्षकारों को नोटिस जारी कर योजना का लाभ लेने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी लोगों ने अनसुना किया, सिर्फ 18 ने ही आवेदन किया। योजना के तहत स्टांप की मूल कमी राशि पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज के साथ 100 रुपये जुर्माने का भुगतान करना था। लाभ लेने के लिए पहले भुगतान का ट्रेजरी चालान बनवाना था। इसके बाद भी लोगों ने रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद जिलाधिकारी ने सभी फाइलों की जांच कराई। इसमें 14 फाइलों में बड़ी चोरी पकड़ी।
500 मामले लंबित पड़े थे, सभी को ओटीएस योजना का लाभ लेने के लिए नोटिस भेजा गया था। लेकिन, लोगों ने आवेदन नहीं किया। जब फाइलों की जांच कराई तो करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी सामने आई। 31 मार्च तक मौका है नहीं तो सभी से वसूली की जाएगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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स्टांप कमी के मामलों का निस्तारण 100 रुपये में
कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने लंबित स्टांप मामलों के त्वरित निस्तारण और राजस्व वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से ‘स्टांप कमी समाधान योजना’ को फिर से लागू किया है। इस योजना का लाभ 31 मार्च तक ले सकेंगे। इसके तहत पक्षकार मात्र 100 रुपये के न्यूनतम अर्थदंड और नियमानुसार ब्याज अदा कर लंबित वादों का समाधान करा सकते हैं। इसके साथ ही कार्यालय खुलने का समय छह बजे कर दिया गया है। एआईजी स्टांप श्याम सिंह बिसेन ने बताया कि स्टांप पंजीयन विभाग की ओर से एकमुश्त समाधान योजना भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 के तहत लंबित मामलों के निस्तारण के लिए तैयार की गई है। इसके साथ ही इस माह शाम पांच बजे तक रजिस्ट्री स्लॉट लिए जाएंगे और छह बजे तक रजिस्ट्री होंगी। माह के अंतिम रविवार को भी कार्यालय खुलेगा। (ब्यूरो)
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घर, दुकान, जमीन व फ्लैट की खरीद के समय रजिस्ट्री में निर्धारित स्टांप की अदायगी करनी होती है। जांच में चोरी पकड़ी जाने पर सुनवाई जिलाधिकारी, एआईजी स्टांप व एडीएम वित्त-राजस्व के न्यायालय में होती है। कमी के हिसाब से जुर्माना लगता है। पक्षकार सहमत नहीं होने पर आगे अपील करते हैं। इन्हीं मुकदमों के निस्तारण के लिए ओटीएस योजना लाई गई। दिसंबर में शासन ने एक मुश्त समाधान योजना लागू की थी, जिसके बाद जिले में लंबे समय से जिलाधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व और एआईजी स्टांप के न्यायालय में लंबित पड़े 500 मामलों के पक्षकारों को नोटिस जारी कर योजना का लाभ लेने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी लोगों ने अनसुना किया, सिर्फ 18 ने ही आवेदन किया। योजना के तहत स्टांप की मूल कमी राशि पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज के साथ 100 रुपये जुर्माने का भुगतान करना था। लाभ लेने के लिए पहले भुगतान का ट्रेजरी चालान बनवाना था। इसके बाद भी लोगों ने रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद जिलाधिकारी ने सभी फाइलों की जांच कराई। इसमें 14 फाइलों में बड़ी चोरी पकड़ी।
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500 मामले लंबित पड़े थे, सभी को ओटीएस योजना का लाभ लेने के लिए नोटिस भेजा गया था। लेकिन, लोगों ने आवेदन नहीं किया। जब फाइलों की जांच कराई तो करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी सामने आई। 31 मार्च तक मौका है नहीं तो सभी से वसूली की जाएगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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स्टांप कमी के मामलों का निस्तारण 100 रुपये में
कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने लंबित स्टांप मामलों के त्वरित निस्तारण और राजस्व वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से ‘स्टांप कमी समाधान योजना’ को फिर से लागू किया है। इस योजना का लाभ 31 मार्च तक ले सकेंगे। इसके तहत पक्षकार मात्र 100 रुपये के न्यूनतम अर्थदंड और नियमानुसार ब्याज अदा कर लंबित वादों का समाधान करा सकते हैं। इसके साथ ही कार्यालय खुलने का समय छह बजे कर दिया गया है। एआईजी स्टांप श्याम सिंह बिसेन ने बताया कि स्टांप पंजीयन विभाग की ओर से एकमुश्त समाधान योजना भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 के तहत लंबित मामलों के निस्तारण के लिए तैयार की गई है। इसके साथ ही इस माह शाम पांच बजे तक रजिस्ट्री स्लॉट लिए जाएंगे और छह बजे तक रजिस्ट्री होंगी। माह के अंतिम रविवार को भी कार्यालय खुलेगा। (ब्यूरो)