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ऑनलाइन शिक्षा स्तरहीन, हो रही खानापूरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ही कई बार टूटा कनेक्शन
Fri, 22 May 2020 09:33 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 May 2020 09:33 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर खानापूरी हो रही है। शिक्षण संस्थानों की ओर से अपलोड किया जा रहा ई-कंटेंट स्तरहीन है। ऑनलाइन एजूकेशन के लिए कोई भी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से तैयार नहीं है। ये बातें उच्च शिक्षा परिषद की ऑनलाइन बैठक में शामिल शिक्षाविद् और आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. संजय गोविंद धांडे ने कहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और शिक्षक दोनों का ही प्रारूप बदलने वाला है। अब असिस्टेंट और एसोसिएट नहीं बल्कि एकेडमिक एसोसिएट और टेक्निकल एसोसिएट की आवश्यकता होगी। लॉकडाउन की वजह से शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो चुकी है।
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शिक्षण व्यवस्था को लेकर आने वाली चुनौतियां और ऑनलाइन शिक्षा के स्तर को जानने के लिए उच्च शिक्षा परिषद की बृहस्पतिवार को बैठक हुई। इसमें प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, डिप्टी सीएम, प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के वीसी, शिक्षाविद्, डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य और शिक्षक शामिल हुए। बैठक दोपहर 12 से 3.30 बजे तक चली।
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छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि अभी सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा है। ऑनलाइन शिक्षा इतना आसान नहीं है। कई कॉलेजों के पास पर्याप्त बजट नहीं है। अब कोर्स में बदलाव की भी बारी है।
रोजगारपरक कोर्स को शामिल करना आज की जरूरत है। एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक सहित अन्य वीसी ने भी अपने विचार रखे। हालांकि शिक्षकों का मत था कि ऑनलाइन क्लास रूम कुछ दिनों के लिए तो ठीक हैं, लेकिन यह स्थायी विकल्प नहीं है। न तो माहौल होता है और न ही बच्चों को संस्कार दिए जा सकते हैं। बैठक में डॉ. बीडी पांडे, डॉ. संध्या सिंह आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन बैठक में कई बार टूटा कनेक्शन ऑनलाइन बैठक (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) में कई बार कनेक्शन ब्रेक हुआ तो कई बार शिक्षकों की आवाज आनी बंद हो गई। इस पर भी कुलपतियों ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब तीन घंटे की बैठक हम बिना किसी रुकावट के नहीं कर सकते हैं, तो शिक्षण कार्य कराना तो दूर की कौड़ी है।
रोजगारपरक कोर्स को शामिल करना आज की जरूरत है। एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक सहित अन्य वीसी ने भी अपने विचार रखे। हालांकि शिक्षकों का मत था कि ऑनलाइन क्लास रूम कुछ दिनों के लिए तो ठीक हैं, लेकिन यह स्थायी विकल्प नहीं है। न तो माहौल होता है और न ही बच्चों को संस्कार दिए जा सकते हैं। बैठक में डॉ. बीडी पांडे, डॉ. संध्या सिंह आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन बैठक में कई बार टूटा कनेक्शन ऑनलाइन बैठक (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) में कई बार कनेक्शन ब्रेक हुआ तो कई बार शिक्षकों की आवाज आनी बंद हो गई। इस पर भी कुलपतियों ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब तीन घंटे की बैठक हम बिना किसी रुकावट के नहीं कर सकते हैं, तो शिक्षण कार्य कराना तो दूर की कौड़ी है।