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अधोमानक पेय पदार्थ बेचने में कोल्ड ड्रिंक की इस कंपनी पर एक लाख जुर्माना
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:27 PM IST
सार
-29 अप्रैल 2016 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लिया था कार्बोनेटेड फ्रूट डिंक का नमूना
- प्रयोगशाला ने सैंपल को घोषित किया था अधोमानक, एडीएम कोर्ट में चल रहा था मुकदमा
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विस्तार
यूपी के उन्नाव जिले में अधोमानक (ग्राहकों को भ्रमित करने) पेय पदार्थ बेचने पर सेवनअप कंपनी पर अपर जिलाधिकारी ने एक लाख का जुर्माना ठोेंका है। जुर्माना अदा न करने तक कंपनी के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामनरेश ने 29 अप्रैल 2016 को शहर के दरोगाबाग स्थित कमल की दुकान से सेवनअप बॉटल में भरी कार्बोनेटेड फ्रूट ड्रिंक (मसाला फ्लेवर्ड) का नमूना भरा था। इसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया था। कुछ माह बाद प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में नमूने को अधोमानक घोषित कर दिया गया था। इसके बाद वाद अपर जिलाधिकारी की कोर्ट में दायर किया गया था। तबसे सुनवाई चल रही थी।
शुक्रवार को अंतिम सुनवाई हुई। एडीएम ने विभाग और संबंधित कंपनी के अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। इसके बाद सेवनअप कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोंका। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के जिला अभिहित अधिकारी डा. सुधीर कुमार ने बताया कि उत्पाद शाकाहारी है या मांसाहारी, इसका लोगो बॉटल पर नहीं था। ग्राहकों को भ्रमित करने पर निर्माता वरुण बेवरेजेज ग्रेटर नोएडा को नोटिस भेजी गई थी।
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निर्माता कंपनी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पक्ष रखा। कंपनी के अधिवक्ता की दलीलों से संतुष्ट न होने पर एडीएम ने कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि कंपनी अपना प्रतिबंधित स्टाक तत्काल मार्केट से हटा ले। जब तक जुर्माना नहीं अदा होगा, उत्पाद की बिक्री पर रोक रहेगी।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामनरेश ने 29 अप्रैल 2016 को शहर के दरोगाबाग स्थित कमल की दुकान से सेवनअप बॉटल में भरी कार्बोनेटेड फ्रूट ड्रिंक (मसाला फ्लेवर्ड) का नमूना भरा था। इसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया था। कुछ माह बाद प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में नमूने को अधोमानक घोषित कर दिया गया था। इसके बाद वाद अपर जिलाधिकारी की कोर्ट में दायर किया गया था। तबसे सुनवाई चल रही थी।
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शुक्रवार को अंतिम सुनवाई हुई। एडीएम ने विभाग और संबंधित कंपनी के अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। इसके बाद सेवनअप कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोंका। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के जिला अभिहित अधिकारी डा. सुधीर कुमार ने बताया कि उत्पाद शाकाहारी है या मांसाहारी, इसका लोगो बॉटल पर नहीं था। ग्राहकों को भ्रमित करने पर निर्माता वरुण बेवरेजेज ग्रेटर नोएडा को नोटिस भेजी गई थी।
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निर्माता कंपनी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पक्ष रखा। कंपनी के अधिवक्ता की दलीलों से संतुष्ट न होने पर एडीएम ने कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि कंपनी अपना प्रतिबंधित स्टाक तत्काल मार्केट से हटा ले। जब तक जुर्माना नहीं अदा होगा, उत्पाद की बिक्री पर रोक रहेगी।