फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Old frauds of gang involved in cheating of 84 lakhs exposed

साइबर ठगों का कारनामा: 84 लाख की ठगी में शामिल गिरोह के पुराने फर्जीवाड़े उजागर, हवाई जहाज से हैदराबाद से बैंगलुरू जाते थे ठग

Thu, 30 Jun 2022 10:18 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 30 Jun 2022 10:18 AM IST
सार

पुलिस का दावा है कि साइबर ठग शातिर हैं। जेल भेजा गया फनी चौधरी एमसीए पास आउट है। जबकि यारा साई किरन इंटर पास आउट है। अन्य तीनों सदस्य बीटेक पास हैं। पूछताछ में पता चला कि साइबर ठगों ने डाकघर में ही चेकबुक डाकिया के जरिए हासिल कर लिया था।

विज्ञापन
Old frauds of gang involved in cheating of 84 lakhs exposed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जेल में बंद मसाला कारोबारी सूर्यांश खरबंदा के बैंक खातों से 84 लाख रुपये पार करने के आरोपी ठगी की रकम को संपत्तियों के खरीद फरोख्त में लगाते थे। लेकिन ठगी की लिए वह हैदराबाद से वाया हवाईजहाज बैंगलुरू आते थे। इसका खुलासा क्राइम ब्रांच की जांच में हुआ।

विज्ञापन


सूर्यांश खरबंदा के दो बैंक खातों से 84 लाख रुपये पार हुए थे। क्राइम ब्रांच ने सोमवार को मामले का खुलासा कर हैदराबाद निवासी निमग्दा फनी चौधरी और यारा साई किरन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। निमग्दा गिरोह का सरगना है। क्राइम ब्रांच ने जब उनसे पूछताछ की और गिरोह का आपराधिक इतिहास निकाला तो बड़ा तथ्य सामने आया।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार  अब तक की जांच में पता चला कि पकड़े गए आरोपियों के गिरोह में पांच सदस्य हैं। ये सभी हैदराबाद के रहने वाले हैं। लेकिन अपनी शिकार की तलाश में वह बैंगलुरू जाते थे। वहां होटलों में रूककर फेंक आईडी के जरिए निकाले गए मोबाइल नंबरों का प्रयोग करते थे। कानपुर भी वह वाया लखनऊ एयरपोर्ट से आए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

एमसीए और बीटेक  पास आउट है शातिर
पुलिस का दावा है कि साइबर ठग शातिर हैं। जेल भेजा गया फनी चौधरी एमसीए पास आउट है। जबकि यारा साई किरन इंटर पास आउट है। अन्य तीनों सदस्य बीटेक पास हैं। पूछताछ में पता चला कि साइबर ठगों ने डाकघर में ही चेकबुक डाकिया के जरिए हासिल कर लिया था। जबकि डाकिया ने नई चेकबुक घरपर देने की बात कही थी। जांच में डाकिया के दोषी पाए जाने के बाद इसकी रिपोर्ट डाक विभाग को भेजने की तैयारी में है। जिससे कि डाकिया के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed