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कानपुर के कुलीबाजार में जर्जर जैन इमारत का हिस्सा ढहा, वृद्धा की मौत कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
Tue, 30 Jul 2019 12:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 30 Jul 2019 12:53 AM IST
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जर्जर इमारत की छत ढही
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के अनवरगंज कुलीबाजार में सोमवार सुबह जर्जर तीन मंजिला इमारत की छत का एक हिस्सा ढह गया। इससे दूसरी व पहली मंजिल की छत भी ढह गई। मलबे में दबकर एक वृद्धा की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
कुलीबाजार स्थित जैन इमारत की तीसरी मंजिल पर आशा तिवारी (62) परिवार के साथ रहती थीं। सुबह करीब सात बजे उनकी बेटी राधा स्कूल में पढ़ाने चली गई। छोटी बेटी रक्षा मंदिर गई थी। इमारत की दूसरी मंजिल पर उनका बेटा मानस कुछ काम कर रहा था। मानस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े नौ बजे मां आशा नहाने के बाद स्टोर रूम में कपड़े लेने गई थीं। तभी स्टोर के ऊपर छत का हिस्सा भरभराकर गिर गया।
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कुलीबाजार स्थित जैन इमारत की तीसरी मंजिल पर आशा तिवारी (62) परिवार के साथ रहती थीं। सुबह करीब सात बजे उनकी बेटी राधा स्कूल में पढ़ाने चली गई। छोटी बेटी रक्षा मंदिर गई थी। इमारत की दूसरी मंजिल पर उनका बेटा मानस कुछ काम कर रहा था। मानस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े नौ बजे मां आशा नहाने के बाद स्टोर रूम में कपड़े लेने गई थीं। तभी स्टोर के ऊपर छत का हिस्सा भरभराकर गिर गया।
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उसके गिरने से दूसरी व पहली मंजिल की छत भी गिर गई। आशा भी उस मलबे में दब गईं। इमारत में रहने वाले किराएदार वहां पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। करीब एक घंटे बाद पुलिस व दमकलकर्मी आशा को बाहर निकाल सके, फिर एंबुलेंस से उर्सला भेजा। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीओ अनवरगंज सैफुद्दीन बेग ने बताया कि मामले की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी गई है। इसमें स्पष्ट लिखा गया है कि इमारत पूरी तरह से जर्जर है। कभी भी हादसा हो सकता है। अब आगे की कार्रवाई प्रशासन करेगा।
दमकल व पुलिसकर्मियों ने जोखिम में डाली जान
पूरी इमारत जर्जर है। ऐसे में हादसे के बाद डर है कि कहीं इमारत का कोई और हिस्सा भी न ढह जाए। ऐसे में हादसे के बाद कोई भी उसकेभीतर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। पर, पुलिस व दमकल कर्मी जान जोखिम में डालकर भीतर गए और वृद्धा को बाहर निकाला। इस दौरान सभी ने हेलमेट समेत पूरी सुरक्षा किट पहन रखी थी।
दमकल व पुलिसकर्मियों ने जोखिम में डाली जान
पूरी इमारत जर्जर है। ऐसे में हादसे के बाद डर है कि कहीं इमारत का कोई और हिस्सा भी न ढह जाए। ऐसे में हादसे के बाद कोई भी उसकेभीतर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। पर, पुलिस व दमकल कर्मी जान जोखिम में डालकर भीतर गए और वृद्धा को बाहर निकाला। इस दौरान सभी ने हेलमेट समेत पूरी सुरक्षा किट पहन रखी थी।