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अफसरों ने अपराध किया, जनता करे मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:50 AM IST
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मैनहोल
- फोटो : amar ujala
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कानपुर। साकेत नगर में गड्ढे खोदकर छोड़ना और उसमें दो बाइक, एक आटो के गिरने का मामला अपराध की श्रेणी का है। कानून के जानकार बताते हैं कि गड्ढा खोदने वाले जलनिगम के अफसरों के खिलाफ पीड़ित लोग आपराधिक केस दर्ज करा सकते हैं। वाहन टूटने या फिर गंभीर चोट लगने की क्षतिपूर्ति जल निगम से ली जा सकती है। इसका प्रावधान कानून में है। यह जनहित से जुड़ा मसला है। इसके जिम्मेदार जल निगम के अफसर हैं। ठेकेदार पर मामला टालकर अफसर बच नहीं सकते। इस बीच जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शुक्रवार को जल निगम के अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कहा है कि जल निगम को बताना होगा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए बगैर गड्डा खोदकर क्यों छोड़ दिया। विभाग की गैर जिम्मेदारी को ठेकेदार पर टालने से काम नहीं चलेगा।
जल निगम ने साकेत नगर में लीकेज सही करने के लिए पीपीएम हास्पिटल के पास गड्ढे खोदकर छोड़ दिए थे, जिसमें गुरुवार रात एक आटो और दो मोटर साइकिल सवार गिर गए थे। तीन लोगों को गंभीर चोटें आईं। वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। मामला मीडिया में उछलने पर शुक्रवार सुबह ही गड्ढे पाट दिए गए। जल निगम के अफसरों ने गर्दन बचाने के लिए ठेकेदार को दोषी बनाकर पल्ला झाड़ लिया लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता है। लायर्स बार एसोसिएशन के महामंत्री आरएन सिंह ने कहा कि गड्ढा खोदकर छोड़ना आपराधिक मामला है। यह जनता की जान से खिलवाड़ है। जो लोग गड्ढे में गिरे हैं, वे चाहें तो जल निगम के अफसरों के खिलाफ मुकदमा करा सकते हैं। जनहित याचिका दाखिल करके कोर्ट में घसीट सकते हैं। ऐसे मामलों मेें कोर्ट का रुख हमेशा सख्त रहा है। यदि गड्ढे में गिरने से किसी व्यक्ति की मौत होती है तो गैर इरादतन हत्या का मामला बनता है। चोट लगना आपराधिक श्रेणी में आता है। आईपीसी की धारा 427 के तहत वाहन की क्षतिपूर्ति भी ली सकती है।
यहां अब भी खुले हैं गड्ढे
काकादेव थाने के सामने, कुलवंती हास्पिटल के सामने, पांडु नगर ईएसआई अस्पताल के बाहर, तिलक नगर ठंडी पुलिया तिराहा, नवाबगंज में वीएसएसडी कालेज आवासीय परिसर के गेट के सामने, फूलबाग में बाल भवन के पास, चमनगंज में हलीम इंटर कालेज के गेट के सामने, हलीम गर्ल्स इंटर कालेज के गेट के बगल में, रायपुरवा रामलीला मैदान के पास, फजलगंज फायर स्टेशन मोड़ पर।
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रातोंरात बंद कर दिए गड्ढे
कानपुर साउथ (ब्यूरो)। साकेत नगर में पीपीएम हॉस्पिटल के सामने वॉटर लाइन लीकेज को ठीक करने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर तीन लोगों के घायल होने के बाद जलनिगम ने बर्रा शास्त्री चौक से साकेत नगर दीप टॉकीज के बीच खुदे पड़े आठ गड्ढों को भरवा कर बंद कर दिया। हालांकि दक्षिण इलाके में बर्रा आठ और नंदलाल चौराहे पर पेट्रोल पंप के निकट और बर्रा-चार समेत कई जगह पर गड्ढे खुले पड़े हैं।
नहीं दी गई तहरीर
जल निगम की तरफ से खोदे गए गड्ढे में गिरकर कांग्रेस नेता दीपक त्रिवेदी, कारोबारी लवकुश कुमार, आटो चालक नरेश गौतम घायल हुए थे। गोविंद नगर पुलिस ने संबंधित विभाग और ठेकेदार पर कार्रवाई के लिए घायलों से तहरीर मांगी थी। इंस्पेक्टर एपी श्रीवास्तव के मुताबिक अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर ही रिपोर्ट दर्ज होगी।
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जल निगम ने साकेत नगर में लीकेज सही करने के लिए पीपीएम हास्पिटल के पास गड्ढे खोदकर छोड़ दिए थे, जिसमें गुरुवार रात एक आटो और दो मोटर साइकिल सवार गिर गए थे। तीन लोगों को गंभीर चोटें आईं। वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। मामला मीडिया में उछलने पर शुक्रवार सुबह ही गड्ढे पाट दिए गए। जल निगम के अफसरों ने गर्दन बचाने के लिए ठेकेदार को दोषी बनाकर पल्ला झाड़ लिया लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता है। लायर्स बार एसोसिएशन के महामंत्री आरएन सिंह ने कहा कि गड्ढा खोदकर छोड़ना आपराधिक मामला है। यह जनता की जान से खिलवाड़ है। जो लोग गड्ढे में गिरे हैं, वे चाहें तो जल निगम के अफसरों के खिलाफ मुकदमा करा सकते हैं। जनहित याचिका दाखिल करके कोर्ट में घसीट सकते हैं। ऐसे मामलों मेें कोर्ट का रुख हमेशा सख्त रहा है। यदि गड्ढे में गिरने से किसी व्यक्ति की मौत होती है तो गैर इरादतन हत्या का मामला बनता है। चोट लगना आपराधिक श्रेणी में आता है। आईपीसी की धारा 427 के तहत वाहन की क्षतिपूर्ति भी ली सकती है।
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यहां अब भी खुले हैं गड्ढे
काकादेव थाने के सामने, कुलवंती हास्पिटल के सामने, पांडु नगर ईएसआई अस्पताल के बाहर, तिलक नगर ठंडी पुलिया तिराहा, नवाबगंज में वीएसएसडी कालेज आवासीय परिसर के गेट के सामने, फूलबाग में बाल भवन के पास, चमनगंज में हलीम इंटर कालेज के गेट के सामने, हलीम गर्ल्स इंटर कालेज के गेट के बगल में, रायपुरवा रामलीला मैदान के पास, फजलगंज फायर स्टेशन मोड़ पर।
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रातोंरात बंद कर दिए गड्ढे
कानपुर साउथ (ब्यूरो)। साकेत नगर में पीपीएम हॉस्पिटल के सामने वॉटर लाइन लीकेज को ठीक करने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर तीन लोगों के घायल होने के बाद जलनिगम ने बर्रा शास्त्री चौक से साकेत नगर दीप टॉकीज के बीच खुदे पड़े आठ गड्ढों को भरवा कर बंद कर दिया। हालांकि दक्षिण इलाके में बर्रा आठ और नंदलाल चौराहे पर पेट्रोल पंप के निकट और बर्रा-चार समेत कई जगह पर गड्ढे खुले पड़े हैं।
नहीं दी गई तहरीर
जल निगम की तरफ से खोदे गए गड्ढे में गिरकर कांग्रेस नेता दीपक त्रिवेदी, कारोबारी लवकुश कुमार, आटो चालक नरेश गौतम घायल हुए थे। गोविंद नगर पुलिस ने संबंधित विभाग और ठेकेदार पर कार्रवाई के लिए घायलों से तहरीर मांगी थी। इंस्पेक्टर एपी श्रीवास्तव के मुताबिक अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर ही रिपोर्ट दर्ज होगी।