UP: प्रेस क्लब का पूर्व अध्यक्ष भेजा गया जेल, डीवीआर की तलाश में घर पर दबिश, फरार 12 नामजद व 20 अन्य की तलाश
Kanpur News: पुलिस का मानना है कि नजूल की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश के मामले में अवनीश दीक्षित के अलावा कई और लोग हैं, जो पर्दे के पीछे से खेल में शामिल हैं। इसमें शहर के नामचीन सफेदपोश, कुछ अधिवक्ता और बिल्डर हैं। पुलिस इस मामले के जरिये भू-माफियाओं और पत्रकारिता की आड़ में जमीनों का खेल करने वाले कथित पत्रकारों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है।
विस्तार
कानपुर में सिविल लाइंस स्थित नजूल की करीब एक हजार करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जे के प्रयास के मामले में प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित को जेल भेज दिया गया है। वहीं, 12 नामजद और अन्य आरोपियों की तलाश में दो एसीपी की अगुवाई में आठ थानों की फोर्स ने कानपुर से उन्नाव तक दबिश दीं। गायब की गई डीवीआर की बरामदगी के लिए अवनीश दीक्षित के किदवईनगर ए ब्लॉक स्थित आवास पर दबिश देकर छानबीन की गई।
हालांकि पुलिस को न तो डीवीआर मिली और और न ही कोई आरोपी। क्राइम ब्रांच की भी एक टीम लगाई गई है। सिविल लाइंस हडर्ड चौराहा के पास स्थित जमीन पर कब्जा करने के लिए रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे कुछ लोग पहुंचे थे। कमरों में ताला डालने के साथ ही विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। परिसर में रह रहे लोगों की सूचना पर डीसीपी पूर्वी एसके सिंह, एडीएम, एसडीएम समेत तमाम पुलिस व प्रशासनिक अफसर भारी फोर्स के साथ पहुंचे थे।
अफसरों और पुलिस को देख कब्जा करने पहुंचे लोग भाग निकले थे। मामले में तहसील सदर के लेखपाल विपिन कुमार ने कोतवाली थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनके क्षेत्र में नजूल भूखंडों (ब्लक-15, भूखंड सं-69, 69ए 69बी) पर कब्जे का प्रयास किया गया। आरोपी वहां लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी ले गए। इस मामले में हरेंद्र मसीह, राहुल वर्मा, मौरिस एरियल, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, अर्पण एरियल, अवनीश दीक्षित, जीतेश झा, मोहित बाजपेई, संदीप, विक्की चार्ल्स, अब्बास, जितेंद्र के अलावा 20 अज्ञात के खिलाफ दो एफआईआर कोतवाली थाने में दर्ज की गईं थीं।
फरार आरोपियों की तलाश में दबिशें दे रही हैं टीमें
एक एफआईआर लेखपाल और वहां रहने वाले सैमुअल गुरुदेव सिंह ने दर्ज कराई थी। रात में ही पुलिस ने अवनीश दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया था और सोमवार तड़के जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने फरार नामजद व 20 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसीपी चकेरी दिलीप कुमार और एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार की अगुवाई में आठ थानों की फोर्स ने एक साथ हरबंशमोहाल, रेलबाजार, कलक्टरगंज, चकेरी, कोतवाली, हरबंश मोहाल के अलावा शुक्लागंज और उन्नाव में दबिश दीं। डीसीपी श्रवण कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस की आठ टीमें लगातार फरार आरोपियों की तलाश में दबिशें दे रही हैं।
पर्दे के पीछे के सफेदपोश लोगों की भी खोजबीन शुरू
पुलिस का मानना है कि नजूल की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश के मामले में अवनीश दीक्षित के अलावा कई और लोग हैं, जो पर्दे के पीछे से खेल में शामिल हैं। इसमें शहर के नामचीन सफेदपोश, कुछ अधिवक्ता और बिल्डर हैं। पुलिस इस मामले के जरिये भू-माफियाओं और पत्रकारिता की आड़ में जमीनों का खेल करने वाले कथित पत्रकारों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने ऐसे भूमाफियाओं और कथित पत्रकारों को अपनी सूची में शामिल किया है।
निचली अदालत से जमानत अर्जी खारिज
सैमुअल गुरुदेव सिंह की तरफ से डकैती, पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने, छेड़छाड़ व अन्य धाराओं में दर्ज कराए गए मामले में आरोपी अवनीश दीक्षित की जमानत अर्जी सोमवार को निचली अदालत ने खारिज कर दी। अवनीश दीक्षित के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि जल्द ही सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे। उनका कहना है कि जिस तरह से भारी फोर्स के साथ पुलिस अफसरों ने अवनीश के घर में दबिश दी, उससे भय का माहौल बनाया जा रहा है।
अवनीश पर दर्ज पुराने सात मामलों की स्थिति खंगाल रही पुलिस
अवनीश दीक्षित के खिलाफ अब तक दर्ज सात मामलों की सूची भी पुलिस ने निकाल ली है। वर्ष 2017 में कर्नलगंज थाने में दर्ज धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्रयोग करने समेत कई धाराओं, इसी साल काकादेव थाने में हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं, बाबूपुरवा में छेड़छाड़, गालीगलौज, धमकी, हिंसा और संपत्ति क्षति का निवारण, धोखाधड़ी, धमकी, बलवा, चकेरी में मारपीट, गालीगलौज व धमकी, कोतवाली में मारपीट, गालीगलौज व धमकी की धारा में दर्ज मामले की विवेचना की स्थिति के बारे में पुलिस अफसर जानकारी करने में जुट गए हैं।
सपा नेता बताया जा रहा आरोपी राहुल वर्मा
जमीन पर कब्जा करने के प्रयास का आरोपी सिविल लाइंस निवासी राहुल वर्मा समाजवादी छात्रसभा का महानगर अध्यक्ष बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी तलाश में सिविल लाइंस बाबाघाट स्थित घर में दबिश दी, लेकिन वह मिला नहीं। हालांकि राहुल छात्र सभा का महानगर अध्यक्ष है या नहीं इस मामले में पार्टी के नेता चुप्पी साधे हैं। बाकी आरोपियों के बारे में पुलिस छानबीन कर रही है।
किन धाराओं में कितनी सजा
पहली एफआईआर
- बीएनएस की धारा 329 (4) घर में घुसना: एक साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों।
- सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3: पांच साल तक की कैद और जुर्माना।
- सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 5: बिना अभियोजन अधिकारी को सुने अभियुक्त को जमानत पर नहीं छोड़ा जा सकता।
दूसरी एफआईआर
- बीएनएस की धारा 191 (2) दंगा करना: दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों।
- बीएनएस की धारा 127 (2) बलवा करना: एक साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों।
- बीएनएस की धारा 324 (4) 20 हजार रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचाना: दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों।
- बीएनएस की धारा 310 (2) डकैती: उम्रकैद या दस साल तक की कैद और जुर्माना।
- बीएनएस की धारा 61 (2) षड्यंत्र: उम्रकैद या दस साल तक की कैद और जुर्माना।
- बीएनएस की धारा 352 जानबूझकर बेइज्जती करना: दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों।
- बीएनएस की धारा 351 (2) धमकी देना: दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों।
- बीएनएस की धारा 308 (5) चोट पहुंचाने का भय दिखाना: दस साल तक की कैद और जुर्माना।
- बीएनएस की धारा 329 (3) घर में घुसना: तीन माह तक की कैद या जुर्माना या दोनों।
- बीएनएस की धारा 74 महिला पर हमला करना: एक से पांच साल तक की कैद और जुर्माना।