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कचरा निस्तारण केंद्र की लोक सुनवाई में ग्रामीणों की आपत्ति
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लोक सुनवाई में मौजूद लोग। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। कुंभी गांव में सोमवार को कचरा निस्तारण केंद्र की स्थापना को लेकर लोक सुनवाई में ग्रामीणों ने विरोध जताया। कहा कि इससे प्रदूषण बढ़ेगा। उन्होंने केंद्र को दूर स्थापित करने की मांग की।
कुंभी गांव के पास हाईवे किनारे नौ हेक्टेयर जमीन में कचरा निस्तारण प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। नियमानुसार प्लांट लगाने से पहले लोक सुनवाई करके ग्रामीणों की आपत्तियां दर्ज की गईं। लोक सुनवाई में एडीएम प्रशासन गरिमा सिंह ने ग्रामीणों की बातें सुनीं। ग्रामीणों ने गांव में प्रदूषण फैलने की बात कहते हुए प्लांट की स्थापना और दूर कराए जाने की मांग की। कहा कि यहां पहले से ही दो प्लांट संचालित हैं। उनसे प्रदूषण फैल रहा है। इससे गांव के लोगों में खुजली व सांस लेने में समस्या हो रही है। हालांकि रोजगार पाने वाले कुछ ग्रामीणों ने प्लांट स्थापना का समर्थन भी किया। इससे टकराव की स्थिति आ गई।
एडीएम ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए हर बिंदु को नोट कराया। प्लांट के बाबत भारत आयल वेस्ट मैनेजमेंट के एचएन दीक्षित ने कहा कि प्लांट स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से 29 साल 11 महीने की लीज पर 14 हेक्टेयर जमीन दी गई है। प्लांट लगाए जाने पर पूरे यूपी से कचरा यहां लाकर निस्तारित किया जाएगा। प्रतिवर्ष 20 हजार मीट्रिक टन कचरा निस्तारण की प्लांट की क्षमता रहेगी। सुनवाई के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जेपी मौर्य, भरत मंगलानी, ओम अशरानी, विनोद कुशवाहा, अजय राजपूत, सौरभ राजपूत आदि मौजूद रहे।
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बोले ग्रामीण
ग्राम सभा की जमीन में भारत आयल की तरफ से अनधिकृत रूप से बाउंड्रीवाल करा दी गई है। इस पर ग्राम सभा को आपत्ति है। इसका विरोध किया जाएगा। - महमूद हसन, केशी गांव के प्रधान
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पहले से ही गांव के पास दो कचरा निस्तारण केंद्र संचालित हैं। उनसे प्रदूषण फैल रहा है। ग्रामीणों में चर्म रोग की समस्या हो रही है। नियमानुसार प्लांट संचालित नहीं होता है। इससे आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी होती है। - शिवपाल सिंह, बिहारी गांव के प्रधान
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निर्माणाधीन प्लांट के पास से सेंगुर नदी निकली है। इसके पास पहले से जो प्लांट संचालित हैं वह प्रदूषित पानी चोरी छिपे नदी में बहा देते हैं। इससे मछलियां मर जाती हैं। मवेशी पानी पीकर बीमार हो जाते हैं। यह प्लांट सबसे बड़ा बन रहा है इसके प्रदूषण से क्षेत्र में आफत आ जाएगी। - विश्राम सिंह, बिहारी गांव
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कुंभी गांव के पास हाईवे किनारे नौ हेक्टेयर जमीन में कचरा निस्तारण प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। नियमानुसार प्लांट लगाने से पहले लोक सुनवाई करके ग्रामीणों की आपत्तियां दर्ज की गईं। लोक सुनवाई में एडीएम प्रशासन गरिमा सिंह ने ग्रामीणों की बातें सुनीं। ग्रामीणों ने गांव में प्रदूषण फैलने की बात कहते हुए प्लांट की स्थापना और दूर कराए जाने की मांग की। कहा कि यहां पहले से ही दो प्लांट संचालित हैं। उनसे प्रदूषण फैल रहा है। इससे गांव के लोगों में खुजली व सांस लेने में समस्या हो रही है। हालांकि रोजगार पाने वाले कुछ ग्रामीणों ने प्लांट स्थापना का समर्थन भी किया। इससे टकराव की स्थिति आ गई।
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एडीएम ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए हर बिंदु को नोट कराया। प्लांट के बाबत भारत आयल वेस्ट मैनेजमेंट के एचएन दीक्षित ने कहा कि प्लांट स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से 29 साल 11 महीने की लीज पर 14 हेक्टेयर जमीन दी गई है। प्लांट लगाए जाने पर पूरे यूपी से कचरा यहां लाकर निस्तारित किया जाएगा। प्रतिवर्ष 20 हजार मीट्रिक टन कचरा निस्तारण की प्लांट की क्षमता रहेगी। सुनवाई के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जेपी मौर्य, भरत मंगलानी, ओम अशरानी, विनोद कुशवाहा, अजय राजपूत, सौरभ राजपूत आदि मौजूद रहे।
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बोले ग्रामीण
ग्राम सभा की जमीन में भारत आयल की तरफ से अनधिकृत रूप से बाउंड्रीवाल करा दी गई है। इस पर ग्राम सभा को आपत्ति है। इसका विरोध किया जाएगा। - महमूद हसन, केशी गांव के प्रधान
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पहले से ही गांव के पास दो कचरा निस्तारण केंद्र संचालित हैं। उनसे प्रदूषण फैल रहा है। ग्रामीणों में चर्म रोग की समस्या हो रही है। नियमानुसार प्लांट संचालित नहीं होता है। इससे आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी होती है। - शिवपाल सिंह, बिहारी गांव के प्रधान
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निर्माणाधीन प्लांट के पास से सेंगुर नदी निकली है। इसके पास पहले से जो प्लांट संचालित हैं वह प्रदूषित पानी चोरी छिपे नदी में बहा देते हैं। इससे मछलियां मर जाती हैं। मवेशी पानी पीकर बीमार हो जाते हैं। यह प्लांट सबसे बड़ा बन रहा है इसके प्रदूषण से क्षेत्र में आफत आ जाएगी। - विश्राम सिंह, बिहारी गांव