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दिल खुश कर देगी एसबीआई की योनो कैश सुविधा, ये है इस्तेमाल का सही तरीका
Wed, 20 Mar 2019 11:10 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 20 Mar 2019 11:10 AM IST
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फाइल फोटो
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एसबीआई की बीते शुक्रवार शुरू हुई योनो कैश सुविधा शहरवासियों को सुरक्षित लेनदेन का अहसास करा रही है। हालांकि इसका इस्तेमाल अभी बहुत कम है लेकिन जिन्होंने इसका उपयोग किया, इसे पसंद किया। कानपुर में शिवाजी इंटर कॉलेज के प्रबंधक अतुल सचान का एसबीआई में खाता है। वे तमाम तरह के ऐप इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह से उन्होंने योनो कैश को भी आजमाया।
उन्होंने बताया कि योनो कैश का इस्तेमाल सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है। उन्होंने बिना डेबिड कार्ड के अपने घर के पास के एटीएम बूथ से पैसे निकाले। वे सिर्फ ओटीपी और रेफरेंस कोड लिखकर ले गए थे। यह मजेदार अहसास था कि बिना डेबिट कार्ड लगाए रुपये निकाल सके। उन्होंने बताया कि एक बार अपने कर्मचारी को भेजकर भी पैसे निकलवाए।
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उन्होंने बताया कि योनो कैश का इस्तेमाल सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है। उन्होंने बिना डेबिड कार्ड के अपने घर के पास के एटीएम बूथ से पैसे निकाले। वे सिर्फ ओटीपी और रेफरेंस कोड लिखकर ले गए थे। यह मजेदार अहसास था कि बिना डेबिट कार्ड लगाए रुपये निकाल सके। उन्होंने बताया कि एक बार अपने कर्मचारी को भेजकर भी पैसे निकलवाए।
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खास बात ये रही कि इसमें पासवर्ड किसी और को पता चलने का डर नहीं रहा। इसी तरह से कानपुर के कामदगिरी इंटर कॉलेज के प्रबंधक रत्नेश शुक्ला ने भी अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि व्यापार करने वाले व्यक्ति के लिए यह सुविधा ठीक है।
किसी को दूसरे जिले में छोटा भुगतान करना हो तो उसे वहीं पर रेफरेंस कोड और ओटीपी बताकर पैसा निकालने की छूट दी जा सकती है। यह सुविधा लांच होने के बाद मैंने कानपुर में ही दूसरे एरिया में बैठे व्यक्ति के साथ इस तरह का भुगतान किया।
किसी को दूसरे जिले में छोटा भुगतान करना हो तो उसे वहीं पर रेफरेंस कोड और ओटीपी बताकर पैसा निकालने की छूट दी जा सकती है। यह सुविधा लांच होने के बाद मैंने कानपुर में ही दूसरे एरिया में बैठे व्यक्ति के साथ इस तरह का भुगतान किया।
जानिए क्यों सुरक्षित है लेनदेन
तमाम खाताधारकों ने पूछा कि योनो ऐप और योनो कैश किस तरह से भिन्न है और कितना सुरक्षित है। खाताधारकों के इन सवालों का जवाब हमने एसबीआई के योनो सेक्शन से ही साझा किए। बैंक की प्रोबेशनरी ऑफिसर काजल कटियार ने बताया कि ‘योनो कैश’ के जरिए डेबिट कार्ड को एटीएम में नहीं डालना होता, इस वजह से एटीएम क्लोनिंग का डर पूरी तरह खत्म हो गया है।
डेबिट कार्ड का मशीन में इस्तेमाल न होने की वजह से पिन डालने की भी जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए एटीएम पिन के चोरी होने का भी खतरा नहीं है। इस सुविधा का लाभ देने के लिए कानपुर के 110 एटीएम में से 60 में योनो कैश नाम का नया विकल्प जोड़ा गया है। योनो कैश सुुविधा ऑनलाइन फ्रॉड, एटीएम कार्ड की क्लोनिंग और चोरी होने, पासवर्ड खो जाने अथवा ओटीपी की हैकिंग जैसी परेशानियों से निजात दिलाएगा।
तमाम खाताधारकों ने पूछा कि योनो ऐप और योनो कैश किस तरह से भिन्न है और कितना सुरक्षित है। खाताधारकों के इन सवालों का जवाब हमने एसबीआई के योनो सेक्शन से ही साझा किए। बैंक की प्रोबेशनरी ऑफिसर काजल कटियार ने बताया कि ‘योनो कैश’ के जरिए डेबिट कार्ड को एटीएम में नहीं डालना होता, इस वजह से एटीएम क्लोनिंग का डर पूरी तरह खत्म हो गया है।
डेबिट कार्ड का मशीन में इस्तेमाल न होने की वजह से पिन डालने की भी जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए एटीएम पिन के चोरी होने का भी खतरा नहीं है। इस सुविधा का लाभ देने के लिए कानपुर के 110 एटीएम में से 60 में योनो कैश नाम का नया विकल्प जोड़ा गया है। योनो कैश सुुविधा ऑनलाइन फ्रॉड, एटीएम कार्ड की क्लोनिंग और चोरी होने, पासवर्ड खो जाने अथवा ओटीपी की हैकिंग जैसी परेशानियों से निजात दिलाएगा।
कैश निकालने का तरीका बनाता है सुरक्षित
योनो कैश की सुविधा योनो ऐप इस्तेमाल करने वाले खाताधारकों के लिए ही है। मान लो किसी खाताधारक को 10,000 रुपये निकालने हैं तो वह योनो ऐप में यह रकम फीड करेगा। यह रकम फीड करते ही एक रेफरेंस कोड जनरेट होगा। इसके बाद वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मिलेगा।
रेफरेंस कोड और ओटीपी सिर्फ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही आएगा। अब इन दोनों नंबरों की मदद से 30 मिनट के अंदर एटीएम बूथ से बिना एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किए पैसा निकाला जा सकता है। खाताधारक को मशीन की स्क्रीन पर दिख रहे योनो कैश विकल्प को छूना (टच करना) होगा। मशीन पहले ओटीपी फिर रेफरेंस कोड पूछेगी। दोनों नंबर फीड करते ही कैश खाताधारक के हाथ में होगा। इसमें निकाली जाने वाली रकम फीड करने की जरूरत नहीं है।
इसकी खासियत से है कि दूर बैठे किसी व्यक्ति को रुपयों की जरूरत है और उसके पास एटीएम नहीं है तो वह पारिवारिक सदस्य से ओटीपी फिर रेफरेंस कोड जानकर देश के किसी भी कोने में एसबीआई के एटीएम से रुपये निकाल सकेगा।
योनो कैश की सुविधा योनो ऐप इस्तेमाल करने वाले खाताधारकों के लिए ही है। मान लो किसी खाताधारक को 10,000 रुपये निकालने हैं तो वह योनो ऐप में यह रकम फीड करेगा। यह रकम फीड करते ही एक रेफरेंस कोड जनरेट होगा। इसके बाद वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मिलेगा।
रेफरेंस कोड और ओटीपी सिर्फ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही आएगा। अब इन दोनों नंबरों की मदद से 30 मिनट के अंदर एटीएम बूथ से बिना एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किए पैसा निकाला जा सकता है। खाताधारक को मशीन की स्क्रीन पर दिख रहे योनो कैश विकल्प को छूना (टच करना) होगा। मशीन पहले ओटीपी फिर रेफरेंस कोड पूछेगी। दोनों नंबर फीड करते ही कैश खाताधारक के हाथ में होगा। इसमें निकाली जाने वाली रकम फीड करने की जरूरत नहीं है।
इसकी खासियत से है कि दूर बैठे किसी व्यक्ति को रुपयों की जरूरत है और उसके पास एटीएम नहीं है तो वह पारिवारिक सदस्य से ओटीपी फिर रेफरेंस कोड जानकर देश के किसी भी कोने में एसबीआई के एटीएम से रुपये निकाल सकेगा।