{"_id":"61d1af583a07a836fb603a67","slug":"now-there-will-be-no-forgery-in-university-degrees","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: अब विवि की डिग्रियों में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, 2.51 लाख डिग्रियों में लागू किया गया सिक्योरिटी फीचर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: अब विवि की डिग्रियों में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, 2.51 लाख डिग्रियों में लागू किया गया सिक्योरिटी फीचर
Sun, 02 Jan 2022 07:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 02 Jan 2022 07:46 PM IST
सार
प्रो. पाठक मार्कशीटों और डिग्रियों को हैकर्स से सुरक्षित करने की भी तैयारी कर रहे हैं। आईआईटी ने ब्लॉकचेन आधारित डिग्री की शुरुआत की है, जिसका शुभारंभ पीएम ने दीक्षांत समारोह में किया था।
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विस्तार
छत्रपति शाहू जी महाराज विवि में डिग्रियों के फर्जीवाड़ा के खेल को रोकने के लिए विवि प्रशासन ने नकेल कस ली है। विवि प्रशासन ने इस साल से 2.51 लाख डिग्रियों में सिक्योरिटी फीचर लागू कर दिया है। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा ही, साथ ही विवि की वेबसाइट से ही डिग्री सत्यापन हो सकेगा।
इससे छात्रों को विवि के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विवि से संबद्ध कॉलेजों में डिग्री का फर्जीवाड़ा चल रहा है। एक ही नाम से दो डिग्रियों का सत्यापन के लिए आना, डिग्री का फर्जी मिलना जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
सत्यापन के नाम पर भी विवि का काफी समय खराब होता है। ऐसे में डिग्री में सिक्योरिटी फीचर लागू किया गया है। इसमें कोड के माध्यम से डिग्रियों को सुरक्षित किया गया है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशन में हुए इस बदलाव की वजह से डिजिटल डिग्री में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
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इससे छात्रों को विवि के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विवि से संबद्ध कॉलेजों में डिग्री का फर्जीवाड़ा चल रहा है। एक ही नाम से दो डिग्रियों का सत्यापन के लिए आना, डिग्री का फर्जी मिलना जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
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सत्यापन के नाम पर भी विवि का काफी समय खराब होता है। ऐसे में डिग्री में सिक्योरिटी फीचर लागू किया गया है। इसमें कोड के माध्यम से डिग्रियों को सुरक्षित किया गया है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशन में हुए इस बदलाव की वजह से डिजिटल डिग्री में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
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नई के अलावा पुरानी डिग्रियों पर भी यह काम किया जा रहा है। प्रो. पाठक ने कहा कि तीन माह के भीतर विवि में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। छात्रों से जुड़ी हुईं सभी सुविधाएं ऑनलाइन कर दी जाएंगी।
ब्लॉकचेन की मदद से सुरक्षित करेंगे डिग्रियां
प्रो. पाठक मार्कशीटों और डिग्रियों को हैकर्स से सुरक्षित करने की भी तैयारी कर रहे हैं। आईआईटी ने ब्लॉकचेन आधारित डिग्री की शुरुआत की है, जिसका शुभारंभ पीएम ने दीक्षांत समारोह में किया था। अब इन डिग्रियों को हैक भी किया गया तो हैकर को सही जानकारी नहीं मिलेगी क्योंकि इन डिग्रियों में शब्द लगातार परिवर्तित होते रहते हैं।
ब्लॉकचेन की मदद से सुरक्षित करेंगे डिग्रियां
प्रो. पाठक मार्कशीटों और डिग्रियों को हैकर्स से सुरक्षित करने की भी तैयारी कर रहे हैं। आईआईटी ने ब्लॉकचेन आधारित डिग्री की शुरुआत की है, जिसका शुभारंभ पीएम ने दीक्षांत समारोह में किया था। अब इन डिग्रियों को हैक भी किया गया तो हैकर को सही जानकारी नहीं मिलेगी क्योंकि इन डिग्रियों में शब्द लगातार परिवर्तित होते रहते हैं।