बड़ी खबर: अब कानपुर में ही होगी नोटिस के जवाबों की पड़ताल, जमीनों का सर्किल रेट बढ़ाने पर फैसला भी जल्द
शहर की तीन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करने की कवायद चल रही है। इन संपत्तियों पर काबिज 32 परिवारों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया था। वहीं, तहसील स्तर पर सर्वे कर तैयार रिपोर्ट प्रशासन को मिलनी शुरू हो गई है। सभी जगह से रिपोर्ट मिलने के बाद नए सर्किल रेट पर मुहर लगेगी।
विस्तार
कानपुर में तीन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करने के लिए शुरू हुई कवायद के बीच अब शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक कार्यालय ने फैसला लिया है। इसके तहत जिले में जारी किए गए नोटिस के जवाब को जिला प्रशासन ही खंगालेगा। इसके अलावा जिन अन्य 88 संपत्तियों की शत्रु संपत्ति होने के लिए चल रही पड़ताल में मिलने वाले दस्तावेजों को भी प्रशासन ही सत्यापित करेगा।
इनमें संपत्ति पर काबिज लोगों की ओर से जो जवाब या दस्तावेज पेश किए जा रहे हैं, उनकी जमीनी हकीकत पता करने के बाद ही रिपोर्ट अभिरक्षक कार्यालय को भेजी जाएगी। पहले अभिरक्षक कार्यालय को हर जानकारी भेजी जा रही थी और वहां से आने वाले निर्देश के अनुसार आगे कार्रवाई होती थी।
उधर, नोटिस का जवाब आने के बाद उनमें दर्ज जानकारी का जिला प्रशासन ने अध्ययन शुरू कर दिया है। कुछ जवाबों के साथ संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को भी भेजा गया है। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही एक विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन अभिरक्षक कार्यालय को भेजेगा।
जमीनों का सर्किल रेट बढ़ाने पर फैसला इसी महीने
कानपुर जिले में जमीनों का सर्किल रेट बढ़ाने पर फैसला इसी महीने के अंत तक हो सकता है। पिछले हफ्ते एडीएम वित्त एवं राजस्व दयानंद प्रसाद ने बैठक के दौरान राजस्व व निबंधन के अधिकारियों को सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद अब तहसीलों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है।
माना जा रहा है कि इस महीने के तीसरे हफ्ते तक निर्धारित फॉर्मेट में प्रशासन को रिपोर्ट मिलनी शुरू हो जाएगी। उनके आने के बाद डीएम की अध्यक्षता में बैठकर नए सर्किल रेट पर मुहर लग जाएगी। बता दें, चार साल बाद जिले में सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर कवायद शुरू हुई है।
पिछली बैठक के दौरान एडीएम ने सभी तहसीलों को निर्देश दिए थे कि वह निर्धारित फॉर्मेट में क्षेत्र के अनुसार जानकारी दर्ज कर एक हफ्ते के भीतर भेज दें। सर्वे के दौरान क्षेत्र में हुए विकास से लेकर उसके निकट भविष्य की परिस्थितियों को भी देखा जाएगा। इसके अलावा उस क्षेत्र में हो रही रजिस्ट्रियों की संख्या को भी देखा जाएगा