{"_id":"612719e08ebc3e2f7302f8a4","slug":"now-teachers-of-villages-can-be-transferred-in-the-city","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी: अब शहर में हो सकेगा गांवों के शिक्षकों का तबादला, बेसिक शिक्षा मंत्री बोले- शिक्षकों की कमी होगी दूर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबरी: अब शहर में हो सकेगा गांवों के शिक्षकों का तबादला, बेसिक शिक्षा मंत्री बोले- शिक्षकों की कमी होगी दूर
Thu, 26 Aug 2021 10:05 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 26 Aug 2021 10:05 AM IST
सार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि काडर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों का ट्रांसफर नगर में और नगरीय क्षेत्र के शिक्षकों का ट्रांसफर ग्रामीण इलाकों में नहीं होता था। नियुक्तियां भी नगर और ग्रामीण क्षेत्र के आधार पर विभाजित थीं।
विज्ञापन
ट्रांसफर(सांकेतिक)
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी शिक्षकों का अब ग्रामीण और नगर काडर खत्म कर दिया जाएगा। अभी तक ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के आधार पर शिक्षकों को नियुक्ति दी जाती थी। शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। ये बातें बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहीं।
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के गुरुवंदन कार्यक्रम में आए शिक्षा मंत्री ने कहा कि काडर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों का ट्रांसफर नगर में और नगरीय क्षेत्र के शिक्षकों का ट्रांसफर ग्रामीण इलाकों में नहीं होता था। नियुक्तियां भी नगर और ग्रामीण क्षेत्र के आधार पर विभाजित थीं। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्र में शिक्षकों की काफी कमी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षक सर प्लस हैं। इस वजह से अब इसे खत्म किया जा रहा। अब ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात शिक्षकों का तबादला भी नगरीय स्कूलों में हो सकेगा।
शुरू होगा सिफारिशों का दौर
ग्रामीण और नगर काडर खत्म होने से सिफारिशों का दौर तेजी पकड़ेगा। जिसकी जितनी पहुंच होगी, उसको उतनी आसानी से नगर क्षेत्र में नियुक्ति मिलेगी। काडर खत्म होने का फैसला भले ही शिक्षकों की भलाई के लिए किया गया हो लेकिन लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में डटे शिक्षक अब तेजी से नगर की ओर रुख करेंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफर वरिष्ठता सूची के आधार पर होंगे लेकिन विभाग में सिफारिशों का खेल भी किसी से छुपा नहीं है। जितनी जल्दी जुगाड़, उतनी जल्दी ट्रांसफर।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के गुरुवंदन कार्यक्रम में आए शिक्षा मंत्री ने कहा कि काडर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों का ट्रांसफर नगर में और नगरीय क्षेत्र के शिक्षकों का ट्रांसफर ग्रामीण इलाकों में नहीं होता था। नियुक्तियां भी नगर और ग्रामीण क्षेत्र के आधार पर विभाजित थीं। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्र में शिक्षकों की काफी कमी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षक सर प्लस हैं। इस वजह से अब इसे खत्म किया जा रहा। अब ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात शिक्षकों का तबादला भी नगरीय स्कूलों में हो सकेगा।
विज्ञापन
शुरू होगा सिफारिशों का दौर
ग्रामीण और नगर काडर खत्म होने से सिफारिशों का दौर तेजी पकड़ेगा। जिसकी जितनी पहुंच होगी, उसको उतनी आसानी से नगर क्षेत्र में नियुक्ति मिलेगी। काडर खत्म होने का फैसला भले ही शिक्षकों की भलाई के लिए किया गया हो लेकिन लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में डटे शिक्षक अब तेजी से नगर की ओर रुख करेंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफर वरिष्ठता सूची के आधार पर होंगे लेकिन विभाग में सिफारिशों का खेल भी किसी से छुपा नहीं है। जितनी जल्दी जुगाड़, उतनी जल्दी ट्रांसफर।
विज्ञापन
अंग्रेजी माध्यम के नए स्कूल नहीं खुलेेंगे
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अब मातृभाषा में ही स्कूलों में पढ़ाई होगी। आने वाले समय में अंग्रेजी माध्यम के नए स्कूल नहीं खुलेंगे। जो स्कूल अभी अंग्रेजी मॉडल में चल रहे हैं, उनको मॉडल के रूप में चलने दिया जाएगा।
प्रधानाध्यापकों को मिलेंगे टैबलेट
बेसिक स्कूलों को प्रधानाध्यपकों को हाईटेक करने के लिए अब सरकार उन्हें टैबलेट देगी ताकि वह उपस्थित सहित अन्य जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध करा सकें। तकनीकी सहयोग के लिए आईआईटी कानपुर से मदद ली जाएगी।
पढ़ाई का हुआ नुकसान
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बेसिक छात्रों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने स्वीकारा पढ़ाई का नुकसान भी हुआ, लेकिन फिर कुछ छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि अब एक सितंबर से स्कूल खुलेंगे और स्थितियां सामान्य होती जाएंगी।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अब मातृभाषा में ही स्कूलों में पढ़ाई होगी। आने वाले समय में अंग्रेजी माध्यम के नए स्कूल नहीं खुलेंगे। जो स्कूल अभी अंग्रेजी मॉडल में चल रहे हैं, उनको मॉडल के रूप में चलने दिया जाएगा।
प्रधानाध्यापकों को मिलेंगे टैबलेट
बेसिक स्कूलों को प्रधानाध्यपकों को हाईटेक करने के लिए अब सरकार उन्हें टैबलेट देगी ताकि वह उपस्थित सहित अन्य जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध करा सकें। तकनीकी सहयोग के लिए आईआईटी कानपुर से मदद ली जाएगी।
पढ़ाई का हुआ नुकसान
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बेसिक छात्रों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने स्वीकारा पढ़ाई का नुकसान भी हुआ, लेकिन फिर कुछ छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि अब एक सितंबर से स्कूल खुलेंगे और स्थितियां सामान्य होती जाएंगी।