{"_id":"5c4155b9bdec22738335deae","slug":"now-social-sites-help-police-in-catching-criminal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब साइबर अपराधियों की खैर नहीं, यह सॉफ्टवेयर बनेगा पुलिस का हथियार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब साइबर अपराधियों की खैर नहीं, यह सॉफ्टवेयर बनेगा पुलिस का हथियार
Fri, 18 Jan 2019 11:43 AM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Fri, 18 Jan 2019 11:43 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस अब सोशल साइट्स के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचेगी। पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया एनालिटिक सॉफ्टवेयर खरीदा है, जो फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम सहित सभी सोशल साइट्स के कंटेंट की मैपिंग करेगा। इससे पुलिस को अपराधियों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी मिल जाएगी।
सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी देने के लिए बुधवार को एसटीएफ लखनऊ के एसपी सुशील घुले ने कानपुर के रेलबाजार स्थित साइबर सेल में अफसरों और पुलिसकर्मियों के साथ सात घंटे बैठक की। एसपी सुशील घुले ने बताया कि आमतौर पर लोग सोशल साइट्स का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी देने के लिए बुधवार को एसटीएफ लखनऊ के एसपी सुशील घुले ने कानपुर के रेलबाजार स्थित साइबर सेल में अफसरों और पुलिसकर्मियों के साथ सात घंटे बैठक की। एसपी सुशील घुले ने बताया कि आमतौर पर लोग सोशल साइट्स का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
डेमो पिक
लोकेशन भी मिलेगी
जब पुलिस किसी संदिग्ध या वांछित अपराधी की सोशल साइट्स का डाटा इस सॉफ्टवेयर पर रन कराएगी, तो कई अहम जानकारियां मिल जाएंगी। मसलन, वह व्यक्ति किससे अधिक बात करता है। पिछले कुछ दिनों में वह कहां गया था। उसकी पूरी लोकेशन मिलेगी। इससे अपराधी तक पहुंचने में आसानी हो जाएगी। कार्यशाला के बाद एसपी सुशील घुले बीते पांच वर्षों केसाइबर अपराध का डाटा अपने साथ ले गए।
जब पुलिस किसी संदिग्ध या वांछित अपराधी की सोशल साइट्स का डाटा इस सॉफ्टवेयर पर रन कराएगी, तो कई अहम जानकारियां मिल जाएंगी। मसलन, वह व्यक्ति किससे अधिक बात करता है। पिछले कुछ दिनों में वह कहां गया था। उसकी पूरी लोकेशन मिलेगी। इससे अपराधी तक पहुंचने में आसानी हो जाएगी। कार्यशाला के बाद एसपी सुशील घुले बीते पांच वर्षों केसाइबर अपराध का डाटा अपने साथ ले गए।
डेमो पिक
सोच-समझकर फारवर्ड करें व्हाट्सएप मैसेज
एसपी सुशील घुले केमुताबिक व्हाट्सएप पर भड़काऊ और आपत्तिजनक मैसेज प्रसारित होते रहते हैं। अब ऐसी तकनीक पुलिस केपास उपलब्ध है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि उस मैसेज, फोटो या वीडियो को पहली बार किसने पोस्ट किया है। जो-जो उसे फॉरवर्ड करता रहेगा, उसकी भी डिटेल मिल जाएगी।
लोगों को करें जागरूक
साइबर एक्सपर्ट पुलिस अधिकारियों ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं वह अपने-अपने थानाक्षेत्रों में समय-समय पर लोगों केसाथ बैठक करें। इस दौरान उनकों साइबर अपराध के बारे में जानकारी दें। साथ ही साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय भी बताएं।
एसपी सुशील घुले केमुताबिक व्हाट्सएप पर भड़काऊ और आपत्तिजनक मैसेज प्रसारित होते रहते हैं। अब ऐसी तकनीक पुलिस केपास उपलब्ध है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि उस मैसेज, फोटो या वीडियो को पहली बार किसने पोस्ट किया है। जो-जो उसे फॉरवर्ड करता रहेगा, उसकी भी डिटेल मिल जाएगी।
लोगों को करें जागरूक
साइबर एक्सपर्ट पुलिस अधिकारियों ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं वह अपने-अपने थानाक्षेत्रों में समय-समय पर लोगों केसाथ बैठक करें। इस दौरान उनकों साइबर अपराध के बारे में जानकारी दें। साथ ही साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय भी बताएं।