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राजभवन पहुंचा कानपुर यूनिवर्सिटी का विवाद
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Thu, 18 Aug 2016 11:54 PM IST
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राज भवन
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कानपुर यूनिवर्सिटी के बीएससी फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर के प्रैक्टिकल एग्जाम में ग्रेडिंग का विवाद अब राज्यपाल राम नाईक के पास पहुंच गया है। इस मामले में कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन से आख्या मांगी गई है। राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी चंद्र प्रकाश ने बताया कि ग्रेडिंग से स्टूडेंटों को नुकसान होने की शिकायत मिली है।
बीएससी के प्रैक्टिकल एग्जाम में मार्किंग की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब (सत्र 2016-17) में सबको ग्रेड दिया जाएगा। इसका उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन की तरफ से विरोध किया गया। अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने राज्यपाल से शिकायत की। अध्यक्ष ने कहा कि ग्रेडिंग की वजह से बीएससी में एडमिशन कम हो गए। निजी कॉलेजों के साथ ही डीएवी, डीबीएस और डीजी कॉलेज की सीटें नहीं भर पा रही हैं। ग्रेडिंग से स्टूडेंटों का उत्तीर्ण फीसदी कम हो जाएगा। छात्र प्रतियोगी परीक्षा या फिर मेरिट के आधार पर होने वाली भर्तियों से वंचित रह जाएंगे। ग्रेडिंग व्यवस्था खत्म कराई जानी चाहिए। शिकायत के आधार पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी ने 8 अगस्त को कुलपति को पत्र लिखकर आख्या मांगी है।
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बीएससी के प्रैक्टिकल एग्जाम में मार्किंग की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब (सत्र 2016-17) में सबको ग्रेड दिया जाएगा। इसका उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन की तरफ से विरोध किया गया। अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने राज्यपाल से शिकायत की। अध्यक्ष ने कहा कि ग्रेडिंग की वजह से बीएससी में एडमिशन कम हो गए। निजी कॉलेजों के साथ ही डीएवी, डीबीएस और डीजी कॉलेज की सीटें नहीं भर पा रही हैं। ग्रेडिंग से स्टूडेंटों का उत्तीर्ण फीसदी कम हो जाएगा। छात्र प्रतियोगी परीक्षा या फिर मेरिट के आधार पर होने वाली भर्तियों से वंचित रह जाएंगे। ग्रेडिंग व्यवस्था खत्म कराई जानी चाहिए। शिकायत के आधार पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी ने 8 अगस्त को कुलपति को पत्र लिखकर आख्या मांगी है।
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