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जाति विशेष के लोगों के लिए मंदिर में प्रवेश पर रोक की सूचना से हलचल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 22 Aug 2017 07:44 AM IST
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गढ़ा गांव का रामजानकी मंदिर, पुजारी कुंवर बहादुर, प्रधान रामसजीवन, उमाशंकर श्रीवास
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के हमीरपुर में जाति विशेष के लोगों के लिए मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की सूचना से हलचल मच गई। शिकायत मिलते ही एसडीएम ने थानाध्यक्ष व लेखपाल को मौके पर भेजा। एसडीएम का कहना है कि प्रथमदृष्टया जांच में मांस व मदिरा का सेवन करने वालों पर प्रतिबंध लगाने की बात सामने आई है। फिर भी विस्तार से जांच की जा रही है।
हमीरपुर मौदहा केन नदी के किनारे स्थित गढ़ा गांव में राम जानकी मंदिर है। यहां के पुजारी कुंवर बहादुर हैं। सोमवार को यहां अखंड रामायण पाठ चल रहा था। आरोप है कि इस दौरान यहां एक बैनर लगा दिया गया, जिसमें एक जाति विशेष के लोगों के आने पर पाबंदी की बात लिखी गई थी। आरोप यह भी है कि इस दौरान संबंधित जाति का व्यक्ति यहां पहुंचा तो भगा दिया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम रमेश चंद्र मिश्र से की।
मामला मंदिर से जुड़ा होने की वजह से उन्होंने तत्काल थानाध्यक्ष सिसोलर व लेखपाल को मौके पर भेजा। एसडीएम का कहना है कि मौके पर बैनर नहीं मिला। प्रथमदृष्टया यह बात सामने आई कि मांस व मदिरा इस्तेमाल कर आने वालों पर रोक लगाई गई है। बैनर की तलाश कराई जा रही है। उसके मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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क्या कहते हैं लोग
ग्राम प्रधान गढ़ा रामसजीवन ने बताया कि यह मामला सत्य होने के साथ दुर्भाग पूर्ण है। इससे गांव की बदनामी होती है। गांव के हर व्यक्ति को मंदिर में पूजा पाठ का अधिकार है।
शिकायत कर्ता उमाशंकर ने कहा कि गांव में अखंड रामायण पाठ चल रहा है। इस धार्मिक कार्यक्रम में यह कहकर भगा दिया गया कि उन लोगों को मंदिर में प्रवेश करने और रामायण में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है।
पुजारी कुंवर बहादुर ने बताया कि कार्यक्रम में मांस खाने और शराब पीने वालों का विरोध किया किया गया था। मंदिर में शराब पीकर आने पर मनाही है। पूजा पाठ स्वच्छता के साथ करना चाहिए।
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हमीरपुर मौदहा केन नदी के किनारे स्थित गढ़ा गांव में राम जानकी मंदिर है। यहां के पुजारी कुंवर बहादुर हैं। सोमवार को यहां अखंड रामायण पाठ चल रहा था। आरोप है कि इस दौरान यहां एक बैनर लगा दिया गया, जिसमें एक जाति विशेष के लोगों के आने पर पाबंदी की बात लिखी गई थी। आरोप यह भी है कि इस दौरान संबंधित जाति का व्यक्ति यहां पहुंचा तो भगा दिया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम रमेश चंद्र मिश्र से की।
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मामला मंदिर से जुड़ा होने की वजह से उन्होंने तत्काल थानाध्यक्ष सिसोलर व लेखपाल को मौके पर भेजा। एसडीएम का कहना है कि मौके पर बैनर नहीं मिला। प्रथमदृष्टया यह बात सामने आई कि मांस व मदिरा इस्तेमाल कर आने वालों पर रोक लगाई गई है। बैनर की तलाश कराई जा रही है। उसके मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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क्या कहते हैं लोग
ग्राम प्रधान गढ़ा रामसजीवन ने बताया कि यह मामला सत्य होने के साथ दुर्भाग पूर्ण है। इससे गांव की बदनामी होती है। गांव के हर व्यक्ति को मंदिर में पूजा पाठ का अधिकार है।
शिकायत कर्ता उमाशंकर ने कहा कि गांव में अखंड रामायण पाठ चल रहा है। इस धार्मिक कार्यक्रम में यह कहकर भगा दिया गया कि उन लोगों को मंदिर में प्रवेश करने और रामायण में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है।
पुजारी कुंवर बहादुर ने बताया कि कार्यक्रम में मांस खाने और शराब पीने वालों का विरोध किया किया गया था। मंदिर में शराब पीकर आने पर मनाही है। पूजा पाठ स्वच्छता के साथ करना चाहिए।