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‘दरवाजे खड़ी बारात’, वर -वधू पक्ष छोटे नोटों के मोहताज, बैंकों के बाहर लाइन लगाये रिश्तेदार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:27 AM IST
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शादी की तैयारियां छोड़, बैंकों में लगा रहे हैं लाइन
- फोटो : अमर उजाला
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बड़े नोटों की बंदी से शादी-ब्याह वाले घरों के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। हालात तो ऐसे हैं कि शाम को बारातें पहुंचनी शुरू हो गई हैं, लेकिन हाथ में पैसा न होने से सबकुछ सूना-सूना सा लग रहा है।
कानपुर घाटनपुर की तहसील कचहरी में पेशे से वकील शिवशंकर लाल सोनकर की बेटी की आज बारात आनी है। एक महीने पहले से उन्होंने गेस्ट हाउस, हलवाई और अन्य बुकिंग कुछ एडवांस रुपये देकर कर ली थी। नोट बंद होने और बैंकों से रुपये निकासी की सीमा निर्धारित कर देने से पैसा होते हुए भी खाली हाथ वालों जैसी उनकी हालत हो गई है। रुंधे गले से शिवशंकर ने बताया कि बड़े नोट बंद होने की घोषणा के बाद से वह, उनकी पत्नी, बेटा और बहू शादी की अन्य तैयारियां छोड़कर बैंकों में लाइनें लगाने के बाद मुश्किल से 24 हजार रुपया जुटा पाए हैं। इतने कम रुपयों से तो शादी का खर्च निपटना संभव नहीं है। क्षेत्र के कुरसेड़ा गांव निवासी कमलापति त्रिपाठी तहसील कचहरी में सीनियर वकील हैं। बेटी की शादी दो दिन बाद 19 नवंबर को है। 500 और 1000 रुपये बंद पैसा नहीं जुटा पा रहे हैं। वह काफी परेशान दिखाई दिए।
इसी तरह कानपुर हटिया के सदन वर्मा की बेटी की आज शादी है कार्ड बट चुके हैं लेकिन बड़े नोटों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। बैंक में सुबह से लाइन में लगे हैं अभी तक इतनी भी रकम इकट्ठा नहीं हो पाई जिससे बेटी की शादी क्षमता अनुसार कराई जा सके।
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कानपुर घाटनपुर की तहसील कचहरी में पेशे से वकील शिवशंकर लाल सोनकर की बेटी की आज बारात आनी है। एक महीने पहले से उन्होंने गेस्ट हाउस, हलवाई और अन्य बुकिंग कुछ एडवांस रुपये देकर कर ली थी। नोट बंद होने और बैंकों से रुपये निकासी की सीमा निर्धारित कर देने से पैसा होते हुए भी खाली हाथ वालों जैसी उनकी हालत हो गई है। रुंधे गले से शिवशंकर ने बताया कि बड़े नोट बंद होने की घोषणा के बाद से वह, उनकी पत्नी, बेटा और बहू शादी की अन्य तैयारियां छोड़कर बैंकों में लाइनें लगाने के बाद मुश्किल से 24 हजार रुपया जुटा पाए हैं। इतने कम रुपयों से तो शादी का खर्च निपटना संभव नहीं है। क्षेत्र के कुरसेड़ा गांव निवासी कमलापति त्रिपाठी तहसील कचहरी में सीनियर वकील हैं। बेटी की शादी दो दिन बाद 19 नवंबर को है। 500 और 1000 रुपये बंद पैसा नहीं जुटा पा रहे हैं। वह काफी परेशान दिखाई दिए।
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इसी तरह कानपुर हटिया के सदन वर्मा की बेटी की आज शादी है कार्ड बट चुके हैं लेकिन बड़े नोटों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। बैंक में सुबह से लाइन में लगे हैं अभी तक इतनी भी रकम इकट्ठा नहीं हो पाई जिससे बेटी की शादी क्षमता अनुसार कराई जा सके।
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