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फैसला पढ़े बिना कुछ कहना नहीं चाहते शहर काजी

Wed, 23 Aug 2017 01:40 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 23 Aug 2017 01:40 AM IST
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not to say anything without reading the verdict of Supreme Court on triple talaq
शहर काजी मेराज मसूदी व मौलाना कमरुद्दीन। - फोटो : अमर उजाला
तीन तलाक मामले में जिले के शहर काजियों और मौलानाओं को सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला देखने और पढ़ने का इंतजार है। उनका कहना है कि फिलहाल कोर्ट का विस्तृत आदेश पता नहीं चल पाया है। कल अखबार में पूरी तफसील पढ़ने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी उर्फ अकील मियां (दारुल उलूम रब्बानिया) ने कहा कि कल अखबार में सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला तफसील से पढ़ेंगे। तभी पता चलेगा कि कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में क्या कहा है ?
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कोर्ट के मामले में बिना कुछ समझे या देखे कोई टीका-टिप्पणी मुनासिब नहीं है। इसी तरह शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन ने कहा कि अभी पूरे फैसले की जानकारी नहीं मिली है। सिर्फ इतना पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गलत बताते हुए रोका है।
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दोनों शहर काजियों का कहना है कि इस्लाम में जायज कामों में सबसे नागवार काम तलाक है। यह बहुत ही मजबूरी में उठाया जाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि एक ही वक्त में एक साथ तीन बार तलाक कह कर बीबी को तलाक देना इस्लामी तरीका नहीं है।


इसकी पूरी शर्तें और मसायल हैं। शरई कानून कुरान पर आधारित है। कुरान किसी की हकतलफी या गलत काम की हरगिज इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मामले में मुल्क के दीनी रहनुमा जो फैसला लेंगे वह मुनासिब होगा। 

-सुप्रीम कोर्ट का आदेश देखने के बाद ही देंगे राय
-एक साथ तीन तलाक हरगिज ठीक नहीं






 
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