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रंगदारी व मारपीट के मामले में नहीं हुई सुनवाई, कड़ी सुरक्षा में पेश किए गए बिकरू कांड के तीन आरोपी
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कानपुर देहात। रंगदारी व मारपीट के मामले में बिकरू कांड के तीन आरोपियों को सोमवार को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया। वहीं जज के अवकाश के चलते मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब केस में नौ नवंबर को सुनवाई होगी। इस मामले में कुख्यात विकास दुबे व अमर दुबे भी आरोपी थे।
बिकरू गांव निवासी रोली शुक्ला ने विकास दुबे व उसके साथियों पर असलहों के दम पर वसूली करने, रुपये न देने पर मारपीट व परिवार को खत्म करने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम कमलकांत गुप्ता की कोर्ट में चल रही है।
इस घटना में नामजद विकास दुबे व उसका सहयोगी अमर दुबे एनकाउंटर में मारा जा चुका है। दो जुलाई को बिकरू में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने के बाद इस अवैध वसूली की घटना को अफसरों ने गंभीरता से लिया।
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वहीं मामले के विवेचक अजहर इशरत ने एसओ विनय तिवारी पर दबाव बनाकर जबरन रंगदारी के आरोप चार्जशीट से हटवाने के आरोप लगाए थे। सोमवार को मामले की सुनवाई की तारीख होने पर नामजद आरोपी हीरू दुबे उर्फ धर्मेंद्र, गोपाल सैनी व शिव दुबे को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। वहीं कोर्ट में जज के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई की अगली तिथि नौ नवंबर तय की गई है।
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बिकरू गांव निवासी रोली शुक्ला ने विकास दुबे व उसके साथियों पर असलहों के दम पर वसूली करने, रुपये न देने पर मारपीट व परिवार को खत्म करने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम कमलकांत गुप्ता की कोर्ट में चल रही है।
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इस घटना में नामजद विकास दुबे व उसका सहयोगी अमर दुबे एनकाउंटर में मारा जा चुका है। दो जुलाई को बिकरू में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने के बाद इस अवैध वसूली की घटना को अफसरों ने गंभीरता से लिया।
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वहीं मामले के विवेचक अजहर इशरत ने एसओ विनय तिवारी पर दबाव बनाकर जबरन रंगदारी के आरोप चार्जशीट से हटवाने के आरोप लगाए थे। सोमवार को मामले की सुनवाई की तारीख होने पर नामजद आरोपी हीरू दुबे उर्फ धर्मेंद्र, गोपाल सैनी व शिव दुबे को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। वहीं कोर्ट में जज के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई की अगली तिथि नौ नवंबर तय की गई है।