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कालिंदी एक्सप्रेस में धमाके का पर्दाफाश नहीं, एटीएस को जांच में नहीं मिला कोई सुबूत, फाइल बंद

Mon, 07 Dec 2020 04:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 07 Dec 2020 04:37 PM IST
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No explosion in Kalindi Express busted, ATS found no evidence in investigation, file closed
कालिंदी एक्सप्रेस धमाका
कानपुर के बर्राजपुर (शिवराजपुर) रेलवे स्टेशन पर 20 फरवरी 2019 को कालिंदी एक्सप्रेस (14723) में हुए धमाके का राजफाश नहीं हो सका। न तो एटीएस की जांच में कोई सुबूत मिला और न ही जीआरपी कोई तथ्य तलाश सकी। आखिर में जीआरपी ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया। 
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20 फरवरी 2019 को कालिंदी एक्सप्रेस भिवानी हरियाणा के लिए कानपुर सेंट्रल स्टेशन से शाम साढ़े पांच बजे रवाना हुई थी। पौने सात बजे बर्राजपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंची। तभी सबसे पीछे की जनरल बोगी के शौचालय में तेज धमाका हुआ।
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No explosion in Kalindi Express busted, ATS found no evidence in investigation, file closed
कालिंदी एक्सप्रेस धमाका
इसके बाद से पुलिस, जीआरपी के साथ एटीएस ने तफ्तीश शुरू की थी। फर्रुखाबाद जीआरपी थाने में केस दर्ज किया था। तब से जांच जारी थी। जीआरपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि साक्ष्यों के अभाव में केस बंद कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है।

पत्रकार को क्लीन चिट, पत्र लिखने वाले का सुराग नहीं
घटनास्थल से एक डायरी और एक जैश-ए-मुहम्मद के एजेंट के नाम से पत्र मिला था। पत्र में पीएम के मंच को उड़ाने की धमकी भी लिखी थी। डायरी में छह लोगों के नाम दर्ज थे। जांच में एटीएस उन तक पहुंची थी मगर कोई साक्ष्य नहीं मिले थे। वहीं जीआरपी ने सर्विलांस की मदद से राजस्थान के एक पत्रकार गौतम को रडार पर लिया था। कई बार उसकी हैंडराइटिंग का मिलान कराया मगर कुछ हासिल नहीं हुआ। पता ही नहीं चला कि ये पत्र किसने लिखा था और डायरी किसकी थी।

बड़ी साजिश से एटीएस का इंकार
एटीएस ने शुरुआत में दो से तीन महीने तक गंभीरता से जांच की। फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी जांच कराई। सामने आया कि पटाखे वाले बारूद से धमाका हुआ। फिर एटीएस ने बड़ी साजिश से इंकार कर दिया था। तब जीआरपी ने जांच आगे बढ़ाई, पर वह भी वारदात का खुलासा नहीं कर सकी।
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